कण कण में भगवान – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

भावना जैसी सुंदर, पढ़ी लिखी, कमाऊ बहू पाकर सुरेखा को तो जैसे अपनी ही किस्मत पर रशक हो आया। उसे यकीन नहीं आ रहा था कि उसकी जिंदगी उस पर इतनी मेहरबां हो जाएगी और उसके नसीब में इतनी खुशिंया होंगी।        सुरेखा का एक गरीब घर में जन्म हुआ और सौतेली मां ने उसे एक … Read more

बहु, ये मत भूलो — भगवान सब देखता है – रेणु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कुंती रात के अंधेरे में चुपचाप बैठी थी। आज उसकी बहु ने साफ़ कह दिया था, “मैं एक पैसा नहीं दूँगी! जबरदस्ती की तो देख लेना, मैं दहेज का छूटा केस कर दूँगी!” कुंती को कुछ जवाब नहीं सूझा। बस आँखें नम हो गईं। दिल से एक आवाज़ निकली — “बहु, ये मत भूलो — … Read more

रिश्तों की मर्यादा – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi : Moral Stories in Hindi

गौरव के बहुत सारे दोस्त हैं ,स्कूल के समय से लेकर कॉलिज में भी संग रहने का इरादा था किन्तु सभी अलग -अलग हो गए।   अपने दोस्तों के बग़ैर तो वो, जैसे जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता। उनके साथ खेलना ,घूमने जाना ,सेल्फ़ी लेना ,बाइक राइडिंग इत्यादि कार्य अपने दोस्तों के साथ … Read more

बहु यह मत भूलो कि भगवान सब देखता है – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

साक्षी अब बड़ी हो चली थी मां-बाप को साक्षी की बहुत टेंशन हो रही थी पढ़ने लिखने में ज्यादा मन लगता नहीं था साक्षी का उससे कोई काम बोलो तो वह ज्यादा इंटरेस्ट से काम करती नहीं थी मां-बाप को टेंशन थी कि ससुराल में जाकर वह कैसे रहेगी और क्या करेगी साक्षी को घूमने … Read more

तार ,तार होता अस्तित्व – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

कमरे से जोर जोर से हंसने की आवाज सुनकर सुनैना का अस्तित्व तार तार हुआ जा रहा था। कमरे के अंदर से आ रही प्रमोद और सपना के हंसी की आवाजें पिघलें हुए शीशे की तरह सुनैना के कानों में पड़ रही थी । आखिर कार सुनैना वहां से उठकर रसोई में चली गई और … Read more

बड़प्पन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

   ” भाभी..बच्चे हैं…आपस में झगड़ते हैं और पल भर में सुलह भी कर लेते हैं।आप बिना बात के ही इतना…।” मिनी अपनी भाभी को समझाने का प्रयास कर रही थी कि बीच में ही उसकी भाभी नंदा लगभग चीखते हुए बोली,” बच्चे हैं तो क्या..आखिर मेरा अंश उससे बड़ा है…इस रिश्ते का तो उसे ख्याल … Read more

मां का घर – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

दिशा बहुत ही स्वार्थी और दोहरे चरित्र की लड़की थी ये गुण उसे उसकी मां माया से मिला था दिशा के पिता एक आफिस में क्लर्क थे वो बहुत ही ईमानदार और अच्छे इंसान थे लेकिन उनकी पत्नी माया बहुत ही लालची और स्वार्थी औरत थी उसने अपनी बेटी को भी अपने जैसा बना दिया … Read more

स्वार्थी मां – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

” मेरी इच्छाओं,मेरी खुशियों का क्या मां?? क्या मेरे प्रति आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं है आपके लिए सिर्फ रवि और काजल ही आपके बच्चे हैं मैं सिर्फ पैसा कमाने की मशीन हूं जो आपकी और आपके बेटे बेटी की जरूरतों को पूरा करतीं रहूं, मैंने शादी क्या कर ली आपका सारा प्यार हवा हो गया।बाहर … Read more

कर्म – खुशी : Moral Stories in Hindi

नंदिनी और आनंद दोनो पति पत्नी थे।आनंद जब बहुत छोटे थे तभी उनके माता पिता का एक दुर्घटना में निधन हो गया तो उनकी परवरिश उनके मामा राजेंद्र जी के घर हुई।मामा आनंद को बहुत प्यार करते थे और जब तक नानी थी तो कोई कमी महसूस ना हुई।मामी दिल की अच्छी थी पर कड़क … Read more

फर्स्ट इम्प्रैशन – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

दूल्हे का छोटा भाई चेतन और उसकी यार चौकड़ी, बड़े भैया की शादी के पूरे आनंद अपने हृदय में और यादों में समेट लेना चाहते थे. हॉस्टल के नीरस जीवन से निकलकर बड़े भाई की शादी में मित्रों के साथ आये चेतन के लिए बड़े भैया की शादी, धमाचौकड़ी मचाने, लड़कियों को छेड़ने और तरह … Read more

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