फर्स्ट इम्प्रैशन – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

दूल्हे का छोटा भाई चेतन और उसकी यार चौकड़ी, बड़े भैया की शादी के पूरे आनंद अपने हृदय में और यादों में समेट लेना चाहते थे. हॉस्टल के नीरस जीवन से निकलकर बड़े भाई की शादी में मित्रों के साथ आये चेतन के लिए बड़े भैया की शादी, धमाचौकड़ी मचाने, लड़कियों को छेड़ने और तरह … Read more

पट्टी पढाना! – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi

सुलेखा शीघ्र ही, अपने घर पहुंच जाना चाहती थी, वह चाहती थी कि नवीन के घर आने से पहले ही, वह घर अपने घर पहुंच जाए किंतु आते समय ,कोई ऑटो नहीं मिला,और रास्ते बहुत भीड़ भी थी इस कारण से उसे देर हो गई। मन में अनेक चिंताएं घर कर गई थीं।  नवीन आएंगे … Read more

बहू यह मत भूलो कि भगवान सब देखता है – सीमा सिंघी : Moral Stories in Hindi

 लोकेश जी अपनी पत्नी को दुल्हन बनी देख मुस्कुरा कर कहने लगे। उर्मिला जी आज आप कहां बिजली गिराने जा रही हैं?यकीन मानो आप आज भी उतनी ही खूबसूरत लग रही हैं ।जितनी मैं आपको ब्याह कर लाया था। उस वक्त आप लगती थी।  लोकेश जी की बात सुनकर उर्मिला जी शर्मा उठी और कहने … Read more

रिश्तों की मर्यादा – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

शाम का समय है। पल-पल आसमान में मौसम अपना रंग बदल रहा है। आसमान का रंग सिन्दूरी हो चला है। सामने सड़क के पार गुलमोहर और पीपल के वृक्षों पर अस्ताचलगामी सूर्य जाते-जाते अपनी सुनहरी आभा से उसे नहला रहें हैं। पक्षी अपने घोंसलों में लौटकर वृक्षों पर कोलाहल मचाऍं हुए हैं। आसमान में झुण्ड … Read more

रिश्तों की मर्यादा – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

संजना और आनंद का इकलौता बेटा पियूष है……  जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके……  एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है । जैसा कि हम जानते हैं …… बच्चा नौकरी करने लगता है …… तो रिश्तों की लाइन लग जाती है…….  वैसे ही संजना और आनंद से भी लोग पूछते हैं …….. कि आपको किस तरह … Read more

सही तो कहती है मां – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

टूना कब से कह रही हूं  पापा को बोल  जल्दी से मेडिकल स्टोर से दवा ले आएं बहुत तेज सिरदर्द हो रहा है मेरा किसी को मेरा ख्याल ही है कनक खीझ कर तीसरी बार बोल उठी। मम्मा मै कितनी बार कह चुकी पर पापा सुन ही नहीं रहे हैं टूना की बात सुन कनक … Read more

“रिश्तों की मर्यादा” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

घर में घुसते ही अवनी ने जो नजारा देखा वो प्रीति पर। चिल्ला पड़ी, प्रीति अतुल के माथे पर बर्फ की।पट्टी रख रही थी। प्रीति पोली दीदी जीजा जी तब ऑफिस से आए थे तो उन्हें बहुत तेज बुखार हो रहा था देखो ना मुझे आधा घंटा हो गया है बर्फ की पट्टी रखते हुए … Read more

रिश्तों की मर्यादा: एक अदृश्य रेखा – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

सायंकाल की लालिमा घर के कोने-कोने में चुपचाप बिछ रही थी। अदिति ने खिड़की के शीशे पर बैठकर अपने चेहरे पर उतरती शाम की छाया देखी। उसका मन अजीब-सा भारी था। बाहर, माँ सुप्रिया रसोई में चुपचाप रात के खाने की तैयारी कर रही थीं। दोनों के बीच की चुप्पी एक तनावपूर्ण नदी की तरह … Read more

“बहु यह मत भुलो, भगबान सब देखता है” – जस संधू : Moral Stories in Hindi

मोहन की नयी नयी शादी हुई थी, उसकी पत्नी उर्मिला घर मे सभी के साथ बड़े प्यार से रहती थी। मोहन के घर वाले भी उर्मिला को बड़ा प्यार करते थे, सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा था। फिर उर्मिला कुछ दिन के लिए अपने मायके रहने के लिए गई। और जब वो बापिस आई … Read more

रिश्तों की मर्यादा – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

************* कल एक विवाह समारोह में विदिशा को कमलाक्ष मिल गया। पहले तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ क्योंकि उसने कमलाक्ष को करीब दस साल बाद देखा था। कमलाक्ष उसका दूर का रिश्तेदार था।  कमलाक्ष की शादी में वह भी गई थी। फिर उसने किसी से खबर सुनी कि शादी के तीन महीने बाद कमलाक्ष … Read more

error: Content is protected !!