मैंने अपना फर्ज निभाया। – मधुलता पारे
राशि का गजानन बाबू से कोई खास परिचय नहीं था कभी आमने सामने की उसकी उनसे भेंट भी नहीं हुई थी केवल एक बार उन्हें दूर से देखा भर था घर के धुले पैजामें कुरते में जिसकी सफेदी में हल्के पीलेपन की झलक दिखाई दे रही थी एक शख्स दूर अकेला खड़ा था राशि की … Read more