छुवन – सत्यवती मौर्य
मैथिली नदी किनारे बैठी शुतल जल में पैर डाले बैठी थी।जल की शीतलता उसके मन में उठी उद्विग्नता को मरहम जैसे लेप लगा रही थी। अनेकानेक प्रश्न उठे मन में कि अचानक राघव ने उससे किनारा क्यों कर लिया?पर प्रश्न दिल से उठ कर दिमाग़ में जमे रहे।यह भी पता था कि उत्तर उसे शायद … Read more