चरित्रहीन – प्रीती सक्सेना
शादी को एक माह हो गया, मैं,,, शीला,, आज अपने पीहर जा रही हूं,,, भाई, कल ही लेने आ गया था,, खुशी के कारण मन ही नहीं लग रहा था,, लग रहा था,, पंख लग जाएं और मैं,,, झट से अपने माता पिता के पास पहुंच जाऊं,,, सास, ससुर के पैर छुए,, हसरत से पति … Read more