सहारा_ – गुरविंदर टूटेजा
रंजना के जाने के बाद अनिकेत जी का मन घर पर बिल्कुल नहीं लग रहा था…बहू का रूखा व्यवहार उन्हें अंदर ही अंदर और तोड़ रहा था फिर एक दिन तो बहू की बातों में आकर बेटे ने भी बहुत गलत जवाब दिया…बस तब उन्होनें सोच लिया कि अब वो यहाँ नहीं रहेगें…अगले ही दिन … Read more