भरण पोषण – कंचन श्रीवास्तव

संजय ने जिस लड़की को पसंद किया उसी के साथ जीवन बिताने का फैसला भी कर लिया। कहते हैं छुटपन से ही साथ रहे संजय और रेखा बचपन में दोस्त हुआ करते थे।पर ये दोस्त बढ़ती उम्र के साथ कब मोहब्बत में बदल गई ,पता न चला। जबकि वो पढ़ने विलायत चला गया और ये … Read more

आभासी दुनिया की सच्ची दोस्ती  – सरगम भट्ट

फेसबुक पर मिले दो अनजान, हां अनजान ही थे उस समय एक दूसरे के बारे में तनिक भी जानकारी ना थी। एक प्यारी ममता( मृदुला) दीदी एक प्यारे विकास भैया और प्यारी भाभी भतीजी, सभी मुझसे उम्र में बड़े थे इसीलिए मैं भैया और दीदी ही बोलती थी। दीदी भैया एक ही गांव के, भाई … Read more

आखिरी टच   – सरिता गर्ग ‘सरि

 माथे पर सोच की लकीरें और अनुभव की झुर्रियों से भरा चेहरा था उसका । कोटर में धंसी दो पनियाली आँखें बुझते दीपक सी नजर आती थीं। हमारी गली के बाहर वाली चौड़ी सड़क पर बने ,विशाल राम मंदिर के पास बैठी वो ,हर आने जाने वाले की तरफ कातर निगाहों से तब तक देखती … Read more

वो सोलह बरस की – नीरजा कृष्णा

वो बच्चों के पास अहमदाबाद आई हुई थी…आयुष ने दिन रात एक कर दिया था,”आपको आना पड़ेगा… बहुत दिन हो गए हैं।”बहुत सोच कर वो दस दिन के लिए आ गई थीं। सुबह सुबह वो गुनगुनाते हुए सबकी चाय बना रही थीं…मैं सोलह बरस की…तू सत्रह बरस का…तभी पीछे से जोरदार धमाका हुआ…हैपी बर्थडे दादी…वो … Read more

 रिश्ता – निभा राजीव

नीता सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी। अचानक हाथ पर किसी का स्पर्श पाकर उसने मुड़कर देखा। उसकी ननद की 3 वर्षीय मूक बेटी रिया वहां बैठी थी, जिसे उसके पति ऋषि ननद की लम्बी बीमारी से मृत्यु के बाद अपने साथ ले आए थे। वह बोल नहीं सकती थी और उसका इलाज चल … Read more

स्वयं की तलाश – डा मधु आंधीवाल

पंखुरी खिड़की में खड़ी थी । आज घनघोर बारिश हो रही थी ।  उसके साथ ही उसके मन में भी  अंधेरी घटायें घिरी थी । सोच रही ऐसी ही तो बारिश की शाम थी । वह बस का इन्तजार कर रही थी । आज प्रेक्टीकल क्लास देर से छूटी । वह अकेली रह गयी उसकी … Read more

“नहीं भूलेगी बरसात की वो रात” – कविता भड़ाना

बारिश को भी अभी आज ही आना था, सोचते हुए सिया ने अपना बैग पैक किया और सभी बच्चों को विदा करके ” ट्यूशन इंस्टिट्यूशन “से बाहर निकली, तब तक बरसात बहुत तेज होने लगी। सिया एक मध्यम वर्गीय परिवार की तीन भाई बहनों में सबसे छोटी बेटी है,जिसने अभी-अभी m.Ed की परीक्षा पास की … Read more

मैं माफी मांग लूँगी – रिंकी श्रीवास्तव

मिनी की शादी को एक साल हुआ था| उसके ससुराल मे सास ससुर ,जेठ जेठानी उनके दो बच्चे मिनी और उसके पति रमन थे|     मिनी आज अपने पति रमन के साथ अस्पताल गयीथी,उसकी एच एस जी जांच होनी थी,वही कराने के लिए वे दोनो अस्पताल गये थे| वहां काफी भीड़ थी , करीब एक घंटे  … Read more

मायके का पहला सिंधारा – कुमुद मोहन

बहूजी! कोई कमी ना होनी चाहिए,बेटी का पहला सिंधारा जा रहा है,हम जानती हैं तुम हर चीज में हाथ खींच कर चलती हो,भगवान के वास्ते आज अपनी कंजूसी ना दिखाना” दादी की कड़कती आवाज सुन नीरा का मुँह उतर गया! दो महीने पहले ही नीरा और अशोक की बेटी सुमा का ब्याह सुधीर से हुआ … Read more

कोई मेरे दिल से पूछे –  कुमुद मोहन

सुधा-सुधा कहां हो भई!तुम्हें पता है मुझे वाॅक से आते ही अखबार चाहिए। तुमसे ये भी नहीं होता कि अखबार वाला डाल गया है तो उठाकर ही रख दो। किचन में चाय चढ़ाकर सुधा ब्रश कर ही रही थी कि रमन दनदनाता हुआ चिल्लाता हुआ घर में घुसा! सुधा का मन तो हुआ कि तड़ाक … Read more

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