“अहंकार” – ऋतु अग्रवाल
रूपल दिखने में बहुत प्यारी बच्ची थी। अपनी माँ के अनुशासित लालन-पालन में उसके तौर तरीके भी संयमित हो रहे थे। पढ़ने लिखने व अन्य गतिविधियों में भी अच्छी थी। इन्हीं सब गुणों के चलते स्कूल,रिश्तेदारी और पड़ोस में रूपल की बहुत तारीफ होती थी। सब लोग रूपल की प्रशंसा करते थकते ना थे। रूपल … Read more