लिफाफा रिश्तों का तोल – गुरविंदर टूटेजा

अप्रकाशित     संजय के छोटे भाई की बेटी की शादी थी…उसने आते ही बोला…अरे वाह मधु शादी की शॉपिंग बहुत जोरो-शोरों से चल रही है…!!!!    जी हाँ होगी क्यूँ नहीं हम सब अलग ही दिखनें चाहिए और हो भी क्यूँ नहीं हमें पैसे की कमी थोड़ी है….पूरे टशन के साथ जायेंगे…!!!! अच्छा तुम जो शादी में … Read more

ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं – कमलेश राणा

हमारी एक पड़ोसन थी,, बहुत अच्छी कढ़ाई करती थी,, डिज़ाइनें भी जाने कहाँ से लाती थी,, बड़ी सुंदर सुंदर,, यह उन दिनों की बात है जब मोबाइल नहीं हुआ करते थे,, आजकल तो जो चाहो, अलादीन के जिन की तरह पल में हाजिर हो जाता है,, उसमें भी इतनी वैरायटी होती है कि घर बैठे … Read more

दहलीज पार करा दो”  (भाग- 3) – रीमा ठाकुर 

बडी मुश्किल से काम मिलता है बडबडाई बाई” तूने ही कुछ किया होगा!  अन्नू,,,, देख बाई, तू मेरा भरोसा तो करेगी नही “” सुम्मी,,, तू यही रूक मै जाकर पूछ कर आती हूँ!  अचानक मोबाइल बज उठा, जिसकी धुन अंचल के लोकगीत की थी!  हेल्लो,,, कोन,  आभा ” सामने से आवाज आयी. सुम्मी बहन तू … Read more

जिगर का टुकड़ा था जो–निकला दगाबाज वो – कुमुद मोहन

कैसा लग रहा है,बहू पर खूब जंचेगा ना?एक बड़ा  सा रितेश का हार गले में लगाते हुए विभा ने अपने पति राजबीर से पूछा? पूरे पलंग पर वह हल्के भारी गहनों की नुमाईश लगाये बैठी थी।जिन्हें बरसों से अपनी बहू के लिए जमा कर रही थीं। सुबह से बेटे बहू के स्वागत की तैयारी में … Read more

धोखा जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है.. –  सविता गोयल 

एक साल के बाद अपने पुराने शहर जबलपुर जा रही थी। वहां का दो कमरों का घर यूं ही खाली पड़ा था।सोंचा थोड़ा पेंट- वेंट करवा कर किराए पर चढ़ा दूं। घर की साफ सफाई भी होती रहेगी और कुछ पैसे भी मिलते रहेंगे। जबलपुर से बहुत सी पुरानी गुदगुदाती यादें जुड़ी थीं। आखिर शादी … Read more

 झोला – विनय कुमार मिश्रा

आज साफ सफाई में आलमारी से बाउजी का वही पुराना झोला मिला जो वे अपने साथ दफ्तर ले जाते थे। कुछ चिठ्ठियां थीं जो नाना, नानी, दादाजी, और माँ की लिखी हुई और कुछ डायरी के पन्ने, जो उनके पुराने हिसाब किताब के थे। उन पन्नों में दो चार आने से लेकर दो चार सौ … Read more

धोखा – प्रेम बजाज 

 अम्बाला शहर, अब्दुल मियां सुबह-सुबह चाय पी रहे थे, बेटे राशिद का फोन आया । ” हेलो,  हां बेटा कहो” “आपने आज अखबार देखा? “नहीं, चाय पी रहा हूं, अभी पढ़ता हूं,  क्यों? कोई खास खबर ? “आप जल्दी से अखबार देखिए, फूफी की फोटो छपी है” ” सावित्री बहन की? क्या हुआ सावित्री बहन … Read more

” तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई ” – अनिता गुप्ता

नमिता  ने जब से मिश्रा जी  जी के घर में सफाई-बर्तन शुरू किया  तब से बैचेन रहने लगी। उसकी बैचेनी का कारण था उनका दो साल का बेटा राहुल । नमिता  जब भी राहुल  को देखती उसके प्रति एक लगाव सा महसूस करती। उसका मन उसको गोद में लेने के लिए मचल उठता। लेकिन मिसेज़ … Read more

मुझे क्या पता था कि मेरा भाई ऐसा करेगा – रिंकी श्रीवास्तव

“हैलो सीमा ,मै रूचि बोल रही हूँ | हाँ ,रुचि बोलो !आज तुझे मेरी याद कैसे आई | नही ,याद तो तुम्हारी रोज ही आती है डिअर तू तो मेरी सबसे अच्छी सहेली है |बस समय नही मिल पाया इधर कुछ दिनो से तुझसे बात करने का | और बताओ !तुम ठीक हो ना ,और … Read more

टूटता भरोसा   – डाॅ संजु झा

हम जिन्दगी में कभी-कभी किसी के  धोखे के बुने हुए जाल को समझ नहीं पाते हैं,उन पर भरोसा कर अपना सर्वस्व लुटा बैठते हैं।बाद में पछताने के सिवा हाथ में कुछ नहीं आता है और हम हाथ मलते रह जाते हैं।आज मैं एक धोखे की कहानी लेकर उपस्थित  हूँ।   हमारे पड़ोस में उमेश जी … Read more

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