बहू के द्वारा श्वसुर का दाह संस्कार – सुषमा यादव
मेरा रीति रिवाजों को तोड़ने का कोई इरादा नहीं है,पर किस्मत कभी कभी ऐसा दिन दिखाती है कि मनुष्य की सोचने, समझने की शक्ति ज़बाब दे जाती है, और जब कोई उपाय नहीं सूझता तो जो सामने परिस्थितियां दिखाई देती है उसको क्रियान्वित करने के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता है,, फिर हम रीति … Read more