संस्कार – सुधा शर्मा
निशा रास्ते भर सोचते हुये आ रही थी सुशीला जी ‘ पता नहीं इस लड़की ने क्या गजब किया जो माला जी ने कह दिया कि निशा की बहुत शिकायतें इकट्ठी हो गई है जब भी समय और सुविधा हो तो आने का प्रयास कीजियेगा। शहर में ही शादी की थी उन्होंने बेटी की ।वैसे … Read more