संस्कार – पुष्पा पाण्डेय
सूरज बचपन से ही होनहार था। अपनी कक्षा में हमेशा प्रथम आया करता था। माँ-बाप का इकलौता बेटा था। पिता इंजिनियरिंग काॅलेज में प्रोफ़ेसर थे। माँ सरोज एक कुशल गृहणी थी और अपने जड़ों से जुड़ी हुई थी। गाँव की लड़की शादी के बाद शहर आकर ऐसा तालमेल बैठाया कि न उसने अपने संस्कार को … Read more