फिर तेरी कहानी याद आई – प्रेम बजाज
राधा पहाड़ की ओट से सड़क पर नज़र रखे हुए है आज फिर उसमें एक नई आस जागी है। सर्दियां शुरू हो गई है, उसे भरोसा है कि शायद अब की सर्दी में मेरा बाबू आएगा। मां और भाई, भाभी, छोटा भाई मोहन सब रोज समझाते हैं, ” राधा पगली मत बन, वो नहीं आएगा, … Read more