मकान को घर स्त्रियाँ ही बनाती हैं – किरन विश्वकर्मा

गर्मियां जा चुकी थी….अब घड़े की जरूरत नहीं थी कोरोना काल के बाद से श्वेता ने फ्रिज का पानी पीना बंद कर दिया था और केवल घड़े का पानी ही पीती थी पर अब घड़ा दोबारा गर्मी में काम आने वाला नहीं था वैसे भी जब घड़ा बहुत पुराना हो जाता है तो उसमें पानी … Read more

तिरस्कार या प्यार – ऋतु गर्ग

वह नव दंपति अभी कोई बच्चा अपनी जिंदगी में नहीं चाहते थे। अभी कुछ माह पूर्व ही तो उनकी शादी हुई थी। यह एक और आफत! हां !यह आने वाले बच्चों को समय से पहले आने वाली आफ़त मान रहे थे।        दोनों ने फैसला किया कि हम डॉक्टर सुनीता के पास चलते हैं क्योंकि हमें … Read more

” इज्जत औलाद की ” – सीमा वर्मा

उनका पूरा नाम ‘श्रीमती सुनंदा’ है। लेकिन पूरे मुहल्ले में वे ‘छोटी मां ‘ के नाम से जानी जाती हैं। उनकी उम्र करीब साठ की हो गई है। अपने शरीर की उन्होंने कभी परवाह नहीं की है। दूर- दराज में भी कभी गमीं हो या खुशी का मौका हो और वहां छोटी मां हाजिर न … Read more

घर प्यारा पर माँ नहीं.. – रश्मि प्रकाश

रात के लगभग दो बजे अचानक से माँ के कमरे से रोने की आवाज़ सुन निशिता और रितेश भाग कर उनके कमरे में आ गए । “ क्या हुआ माँ रो क्यों रही हो?” बेटे रितेश ने पूछा  “ वोऽऽऽ वोऽऽऽ ।” फोन की तरफ़ इशारा करते हुए सुमिता जी कुछ बोल ना पाई बेटे … Read more

बे औलाद होने का दंश…. – विनोद सिन्हा “सुदामा”

पूर्वी और राजेश की शादी हुए लगभग सात साल हो गए थे मगर अभी तक कोई औलाद नहीं हुई थी…काफी ईलाज करवाया कई तरह के जाँच करवाए लेकिन कोई फायदा नहीं… पूजा पाठ देवी देवता जाने कितने मंदिरों में अनगिनत देवी देवताओं से मन्नतें मांगते फिरते.., लेकिन नतीजा शून्य ही मिलता… कई उपाय के बाद … Read more

” भगवान का संतुलन ” – गोमती सिंह

सावित्री और संतोष  दोनो मध्यम वर्गीय परिवार से थे । संतोष एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और आपनी सिमित तनख्वाह से भी दोनों  बड़ी खुशी खुशी जीवनयापन कर रहे थे । उनके विवाह हुए अब  पांच साल ब्यतीत हो गए थे मगर सावित्री की गोद एक औलाद के लिए तरस रही थी । … Read more

औलाद – कमलेश राणा

अरी ओ शन्नो कहाँ मर गई.. जरा छमिया, लैला, रसीली सबको बुलाकर तो ले के आ मेरे पास।  अब कौन सी आफत आ गई ये मौसी को.. जरा सा हंसो बोलो तो बस मौसी को काम याद आने लगते हैं।  लो आ गये.. अब बताओ ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा जो इतनी बेचैन हुई … Read more

जीवनसंगिनी – गीता वाधवानी 

आज रवि और शोभा विवाह के अटूट बंधन में बंध गए थे। दोनों बहुत खुश थे। प्रेम विवाह था और साथ में शोभा की माता जी का आशीर्वाद भी था।  शोभा कमरे में दुल्हन के रूप में सजी संवरी रवि का इंतजार कर रही थी। तभी रवि को उसके दोस्तों ने और शोभा की बहन … Read more

औलाद – ऋतु गर्ग

वह नव दंपति अभी कोई बच्चा अपनी जिंदगी में नहीं चाहते थे। अभी कुछ माह पूर्व ही तो उनकी शादी हुई थी। यह एक और आफत! हां !यह आने वाले बच्चों को समय से पहले आने वाली आफ़त मान रहे थे।        दोनों ने फैसला किया कि हम डॉक्टर सुनीता के पास चलते हैं क्योंकि हमें … Read more

मोक्ष की आस – डॉ. पारुल अग्रवाल

आज श्रुति को उसके समाचार पत्र के मालिक गुप्ता जी का फोन आया कि उसे किसी पिचासी वर्ष आयु के वृद्ध विशम्बर नाथ जी का साक्षात्कार लेने जाना है। श्रुति के लिए थोड़ा आश्चर्य की बात थी क्योंकि उसने ये नाम प्रथम बार सुना था। गुप्ता जी वैसे भी आसानी से किसी का साक्षात्कार नहीं … Read more

error: Content is protected !!