छोटी छोटी खुशियां – मीनाक्षी सिंह
माँ जी जल्दी चलिये ,बाहर बारात निकल रही हैँ ! अकेली चली जा ऊपर ,देख आ छत से ! नहीं माँ जी ,नई बहू हूँ ,सब क्या सोचेंगे ! मेरे तो ढ़ोल पर पैर अपने आप थिरकने लगते हैँ ! कहीं वहीं ना शुरू हो जाऊँ ! बहू प्रांजल हँसते हुए बोली ! तू भी … Read more