“घर ईंटों से नहीं, दिलों से बनता है।” – अंशु कंसल
“मां, आज टिफिन में सूजी का हलवा थोड़ा ज्यादा रखना,” सोनल ने रसोई में काम करती मां से चहकते हुए कहा। मां ने प्यार से उसके बाल सहलाए और मुस्कुराते हुए बोलीं, “पता है मुझे, तुम्हारी सहेली रश्मि को मेरे हाथ का हलवा कितना प्रिय है। पर सोचती हूं, जब तुम दोनों की शादी हो … Read more