मेरी भी कुछ ख्वाहिशें – डाॅ संजु झा : Heart touching story 

अंजु की जिन्दगी वैसे तो काफी व्यस्त रही है,परन्तु उम्र के पचासवें पड़ाव पर आकर एक बार फिर  से अपने अतीत का मंथन करने को मजबूर हो गई है।अब तक की जिन्दगी से उसने क्या खोया और क्या पाया,इसी का हिसाब लगाने बैठ गई। उसके मन में सवालों की जैसे झड़ी लग गई है वह … Read more

छुपा दुश्मन –  उषा शर्मा

निशा का बेटा  रवि और उसकी देवरानी रिचा की बेटी ईशा एक ही स्कूल में पढ़ने जाते । निशा सुबह जल्दी उठकर दोनों बच्चों के लिए टिफिन तैयार करती और फिर बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजती ।  निशा का बेटा बहुत चंचल है पढ़ने में भी होशियार और खेलने कूदने में सबसे आगे इसके … Read more

मास्टर जी – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

“मास्टर जी.. मास्टर जी…!!,” “क्या है पंडित जी…?,मास्टर दीनानाथ जीअपने हाथों में लालटेन लेकर दरवाजा खोलते हुए बड़े आश्चर्य से  पंडित जी से पूछा। रामनगर के पुजारी पंडित भोला राम  देर रात अपने निवास स्थान से निकल कर मास्टर दीनानाथ के घर चुपचाप आ पहुंचे थे। मास्टर दीनानाथ रामनगर के एक स्कूल शिक्षक थे। रामनगर … Read more

“रिश्तों की लक्ष्मण रेखा” – कविता भड़ाना : Short Stories in Hindi

सुहासिनी  झलकते हुए आंसुओ से अपने पिता को जाते हुए देखती रही, पर उन्हें पुकार कर, उनके गले लग कर, आंखों में आए हुए आंसुओ को दिखाकर, खुद को कमजोर नहीं दिखा सकती थी, इसीलिए बस उन्हें चुपचाप निहारती रही…. “जिस दिन दामाद जी तुम्हारी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दे, इस बाप के घर … Read more

ना मै अच्छा बेटा बन पाया ना ही अच्छा पिता बन पाया – अर्चना खंडेलवाल

मम्मी, फ्रिज मै रसगुल्ले रखे हैं मै खा लूं? बड़ा मन कर रहा है, मनीष ने मचलते हुए कहा तो रजनी बोली, अभी नहीं पहले पापा को ऑफिस से आने दे, सब साथ में खायेंगे, थोड़ा तो सब्र रखना सीख, परिवार में सब साथ खाते हैं तो प्यार बढ़ता है।ठीक है मम्मी, ये कहकर वो … Read more

तुमसे न हो सकेगा –  विभा गुप्ता : Short Stories in Hindi

    ” बधाई हो निशिकांत जी, लक्ष्मी आई है आपके घर में।आप नाना बन गये हैं।” कहते हुए नर्स ने एक नवजात शिशु को निशिकांत जी की गोद में दे दिया।बच्ची के नन्हें-नन्हें हाथों को स्पर्श करते ही उनका वात्सल्य आँसू बनकर उनकी आँखों से छलकने लगा।बच्ची की आँखें देखकर उन्हें लगा जैसे रूही ही उनकी … Read more

पुरुषत्व – स्नेह ज्योति : Moral stories in hindi

जनरल बलबीर सिंह के घर बहुत सालों के बाद एक बेटी ने जन्म लिया । कहने को उनका एक बेटा भी हैं पर बलबीर को हमेशा से एक बेटी की चाह थी । क्योंकि उसकी कोई बहन नही थी वो दो भाई ही थे । बचपन में उसे बड़ा चाव था कि मेरी कोई छोटी … Read more

सखा, भाई, पिता, और पति – रेखा जैन : Short Stories in Hindi

आज रोहिणी बहुत खुश थी।  वो अपने पति के आने का इंतजार कर रही थी।  आज का ये सुखमय और खुशियों भरा दिन उन्ही की बदौलत उसकी जिंदगी में आया है।   सोचते हुए वो अतीत में गोते लगाने लगी…जब वो ब्याह कर इस घर में आई तब उसकी उम्र 15 वर्ष ही थी।  दसवीं की … Read more

रेखा के सवाल – रंजू अग्रवाल ‘राजेश्वरी’ : Short Stories in Hindi

आज फिर वही हुआ ..जो सालों से होता आ रहा था ।यूं तो रेखा की शादी को पंद्रह साल हो चुके थे लेकिन उसके जीवन मे सूर्योदय से सूर्यास्त तक होने वाली घटनाओं में कोई अंतर नही आया था । दुपट्टे के कोने से आंखों को पोंछते हुए वो चुपचाप रसोई के काम मे व्यस्त … Read more

अभिशप्त हूं मैं – शुभ्रा बैनर्जी

आलोक आज दफ्तर से घर जल्दी आ गया था, नवविवाहिता पत्नी अकेली जो थी घर पर।अभी दस दिन पहले ही शादी हुई थी मीनल के साथ।शिमला‌,मसूरी में हनीमून बिताकर कल ही वापस आए थे दोनों। साधारण सी शक्ल सूरत वाले आलोक के सामने मीनल किसी अप्सरा से कम नहीं थी। हनीमून पर जाकर आलोक को … Read more

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