“जान की कीमत” – कविता भड़ाना : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सोसाइटी के मुख्य गेट पर उत्तेजित स्थानीय लोगों की बढ़ती भीड़ से डर कर सभी बिल्डिंग के गार्ड को भी सुरक्षा हेतु बुला लिया गया था, लेकिन हालात और भी बद्तर हो गए, जब मृतक की नई नवेली दुल्हन, जिसकी मात्र पंद्रह दिन पहले ही शादी हुई थी, बदहवास रोती … Read more

प्रेम सिंधारा – ऋतु गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मीता और मयंक की शादी को चार महीने होने को आये,दोनों का प्रेम विवाह हुआ है, मंयक के परिवार वालों ने तो इस रिश्ते को आगे बढ़कर अपनी स्वीकृति दे ही दी और स्वागत किया ।लेकिन ना जाने क्यों मीता के परिवार वाले इस रिश्ते को स्वीकृति देने में अपनी … Read more

मेरा अधिकार – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “सलोनी जल्दी उठ जाओ और जाकर चाय बनाओ…!”अलसाते हुए सलोनी की आंखें खुलीं।  वह उठकर ब्रश कर चाय बनाने के लिए चल पड़ी।   उसने अपने मम्मी पापा और खुद के लिए चाय बनाया था ।जैसे चाय खत्म हुआ, उसकी मां अनीता जी ने कहा  “सलोनी, जल्दी से जाओ और नाश्ता … Read more

अधिकार – के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : स्वरूप अपनी बहन मीना से बात कर रहा था जो आस्ट्रेलिया में नौकरी करती है । उसके दो बच्चे हैं और उसका पति अपने ऑफिस के कोलिग के साथ अलग घर बसाने लगा था । मीना पढ़ी लिखी और उच्च पद पर कार्यरत थी । उसने अपने पति की इस … Read more

अधिकार संग कर्तव्य का संगम – स्नेह ज्योति : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : कहाँ जा रही हो गरिमा ?? ये सुन वो चौंक गई !! कहीं नहीं दादा जी , बस अपनी सहेली मीना के पास । अच्छा ! तुम्हें लगता है , मैं बूढ़ा हो गया हूँ ! तो इस घर में मेरी कोई हैसियत नहीं है । ये मत भूलो मैं … Read more

अभागी – बड़भागी – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “हीटर का एक पॉइंट बढ़ा दे आशू। ठंड बढ़ गई है। लगता है आज सीजन की पहली बर्फ गिरेगी। और सुन। तेरा खाना वहाँ ओवन के पास ही रखा है। गरम करके खा ले। मुझे ये ऐस्से कंप्लीट करना है।” स्कूल से लौटकर कंधे से बैग उतारते बेटे से श्रुति … Read more

सच्चाई का आईना – माता प्रसाद दुबे : hindi kahaniya

hindi kahaniya  : रात के आठ बज रहे थे। प्रकाश सोफे पर उदास बैठा अपने अतीत के बारे में सोच रहा था। उसके मन में उथल-पुथल मची हुई थी। उसकी मनोदशा शून्य हो रही थी। अपनी पत्नी गीता की जिद और अक्खड़ रवैये के कारण वह असहाय हो गया था। “चलिए खाना तैयार है” उसकी … Read more

अधिकार – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : मंजू अभी दो 6 माह पहले ही सुमित्रा जी के घर उनके बड़े बेटे की अर्धांगिनी बनकर आयी थी …. सुमित्रा जी स्वभाव की बहुत ही कड़क और हमेशा बुलंद आवाज में बात करने वाली , हर बात पर टोका टाकी करने वाली एक तेज तर्रार सास थी .. य़हाँ … Read more

वो अब भी है दिल में! ! – गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ‘ शीतल मंद सुरभि बह बाउ…’ तुलसीदास जी की इस पंक्ति को सुरभि के लब गुनगुना रहे थे जिसे वह साक्षात आत्मसात कर रही थी। बड़ा ही सुहावना मौसम था। सुंदर सुवासित समीर मंद गति से बह रहा था मानो हौले – हौले किसी महबूब की भांति सुरभि के बदन … Read more

ससुराल – वीणा सिंह : hindi story

hindi story  : बचपन से ससुराल शब्द सुनती आई हूं.. कभी कौतूहल लगता था तो कभी उत्सुकता कभी अनजाना सा भय तो कभी खुशी और शर्म से कपोल लाल हो जाते.. दादी कहती हमारी जया राज करेगी ससुराल में.. तो अम्मा कहती राजकुंवर के संग बिटिया की शादी करूंगी जो तुझे पलकों पर बिठा के … Read more

error: Content is protected !!