घर की लक्ष्मी – खुशी

चारु एक भरे पूरे घर की लड़की थी।मां शीला पापा  रमन शर्मा।चाचा विवेक और उनकी पत्नी रजनी।चारु एक भई बहन थे।चारु का भाई रजत ।चाचा के दो बेटे थे  नामित और सुमित सभी लोग बड़े प्यार से रहते।रमन जी बैंक में थे और विवेक का अपना हार्डवेयर स्टोर था।रजत mnc मे था।वही चारु ने इंटीरियर डिजाइनिंग में मास्टर्स किया था और वो जॉब कर रही थी।शीला चाहती थी कि रजत की शादी हो जाए।

पर रजत ने कहा नहीं मां पहले चारु की शादी करेंगे सभी भाई इसी बात पर राजी थे।चाचा ने अपने मिलने वालों में और रमन ने अपने मिलने वालों में पर कोई लड़का समझ नहीं आ रहा था।तभी एक दिन बैंक में एक आदमी आया और बोला मुझे बैंक मैनेजर से मिलना है।

रमन ने कहा अंदर भेजो वो रमन के बचपन का दोस्त रवि निकला अरे रमन तू रवि बोला हा मै पर तू यहां कैसे यार हम कैलिफ़ोर्निया शिफ्ट हो गए ना 3 साल पहले। बस अकाउंट था  इस बैंक में वो बंद करवाना था और प्रॉपर्टी थी वो बेचने आए थे अच्छा घर में कौन कौन है रवि ने पूछा? पत्नी भाई उसका परिवार मेरे दो बच्चे बेटा mnc मे है और बेटी इंटीरियर डिजाइनिंग करके जॉब कर रही है उसी के लिए लड़के की तलाश है?

अरे वाह क्या बात है मै भी अपने बेटे श्रेयस के लिए लड़की ढूंढ रहा हूं उसने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है और मेरे साथ डिपार्टमेंटल स्टोर चलाता है। कैलिफ़ोर्निया में अपना घर है घर में पत्नी नीता बेटा श्रेयस और बेटी श्रेया है। श्रेया का आखिरी साल है कॉलेज का बस यही परिवार है हमे तो मिलन सार बेटी चाहिए।फिर क्या जल्दी जल्दी चट मंगनी और पट ब्याह हो गया

क्योंकि एक महीने में सबको लौटना था वो लोग साथ में चारु को भी ले जाने वाले थे।चारु के मन में डर था कैसे निभा करूंगी नया शहर मां पापा कोई नहीं सबने समझाया कि बेटा अपने ही लोग है।15 दिन यू ही निकल गए और चारु के जाने का टाइम आ गया कल रात की उसकी फ्लाइट थी यहां रवि का परिवार होटल में रुका हुआ था तो चारु दो तीन वहां रही फिर घर आ गई थी सबने कहा कि हा सही है

फिर पता नहीं कब मिलना हो।चारु अपने रूम में बैठी थी उसका भाई रजत आया बोला क्यों उदास है सब अच्छा होगा और मैं जल्द ही तुझसे मिलने आऊंगा।सच भाई मुझे भूल तो नहीं जाओगे। तभी नमित और सुमित भी आ गए बोले तेरे बिना तो हम भी नहीं रह पाएंगे।सुमित रोने लगा दीदी आप बहुत याद आओगी।सुमित को रोता देख सबकी आँखें भर आई।एक बार रजत ने उसके सारे डॉक्यूमेंट चेक किए

और सारी पैकिंग टाइम से खत्म करने को कहा। शीला भी बेटी के अलग होने से दुखी थी।पर उसके उज्वल भविष्य के लिए कुछ कुर्बानी तो देनी थी।सब घर से निकलने की तैयारी में थे।तभी रमन ने एक लिफाफा चारु को दिया कहा बेटा ये अपने पास रख तेरे काम आएंगे।रजत अभी तक नहीं आया था सबको निकलना था।तभी रजत आया और चारु को एक बॉक्स दिया उसे पेंडेंट और चैन दिया ।

पेंडेंट में फैमिली फोटो था।रजत ने चारु से कहा इसे कभी भी मत उतारना समझी । सब लोग एयरपोर्ट पहुंचे वहां से रवि की फैमिली भी आ गई सब लोग एक दूसरे से मिले और रमन के परिवार ने रवि के परिवार को कैश ही दिया क्योंकि लगेज ऑलरेडी बहुत ज्यादा था।नीता बोली अपनी लक्ष्मी को लेकर जा रहे है आप चिंता मत कीजियेगा।सब फ्लाइट में बोर्ड हो गए और प्लेन उड़ गया।

रमन का परिवार घर लौट आया सब उदास थे किसी ने रात को खाना भी नहीं खाया।उधर 21 घंटे की फ्लाइट पूरी कर वो लोग कैलिफ़ोर्निया पहुंच गए वहां से टैक्सी कर 2 घंटे का सफर कर वो घर पहुंचे।घर सुंदर था रवि ने सब सामान उतर वाया और सब अंदर आ गए। चारु बाहर खड़ी थी उसे लगा कि उसकी आरती करके घर में अंदर जाएगी पर कोई नहीं आया।श्रेयस बाहर आया अरे यहां क्यों खड़ी हो अंदर आओ।

चारु अंदर आ गई सब लोग हॉल में बैठे थे सब लोग चाय का वेट कर रहे थे।श्रेया बोली मॉम प्लीज़ चाय स्नैक्स बनाओ ।नीता बोली हा उठती हूं कमर अकड़ गई है मेरी।मम्मा आप मुझे बताओ किचेन कहा है मै बनाती हूं।रवि बोले रुको बेटा सिर्फ चाय बनाना खाना  सब नहा कर बाहर चलेंगे। सब ने चाय पी फ्रेश हो कर बाहर गए।आते आते रवि ने अपना स्टोर भी दिखाया जो इस समय नौकर संभाल रहे थे।

घर आ कर चारु ने इंडिया फोन किया सब कुशल मंगल जान सब खुश हुए।अगले दिन से श्रेयस और रवि स्टोर पर  जाने लगे ।श्रेया कॉलेज चारु घर में थी ।नीता बोली बेटा यहां मेड नहीं है सारे काम खुद करने पड़ते है।पहले तो खाने का देखते है कुछ बढ़िया इंडियन बनाते है।

मम्मा मै बनाती हूं चारु ने बढ़िया खाना बनाया दिन में खाना खा कर चारु ने लॉन्ड्री लगाई अपने नीता के कपड़े क्योंकि श्रेयस से बिना पूछे उसके बैग को हाथ लगाना उसे सही नहीं लगा।नीता से पूछ उसने एक अलमीरा सेट कर ली।ज्वैलरी नीता ने अपने पास रख ली।जो भारी कड़े हार और सेट था।कानों के रोज पहनने की चूड़ियां चेन मंगलसूत्र सब चारु के पास था

।पूरा दिन काम कर चारु थक गई और सोने चली गई वो सो कर उठी तो हाल से आवाज आ रही थी।वो आवाज़ों की तरफ चली तो उसके कान में सिर्फ इतना पड़ा कि उसे तो हम लाए ही इसलिए है फिर सब चारु के आते ही चुप हो गए उठ गई बेटा आ चाय पी ले ।मैने बना दी थी।चाय बड़ी ही बदमजा थी पर चारु कुछ नहीं बोली ।खाने पर सबने चारु के बनाए खाने की तारीफ की ।

श्रेया ने थोड़ा ही खाया और पास्ता ऑर्डर कर दिया।नीता बोली इतने दिन से यही सब खा रही है इसलिए कोई नहीं कल तुम्हारे लिए पास्ता बनाऊंगी।पर बेटा मेरे लिए तो अपना भारतीय खाना इस तरह से खाने की जिम्मेदारी चारु के सिर आ गई।श्रेयस चारु से लिए दिए रहता कम बात करता सिर्फ उसे रात को चारु की याद आती ।

अगर चारु उसकी किसी चीज को छूती तो चिल्लाने लगता।वीकेंड पर वो गायब ही रहता तो रवि और नीता कहते काम के सिलसिले में गया है।आस पड़ोस में भी कोई ऐसा नहीं था जिससे कोई बात हो पाती अब तो नीता भी सुबह चली जाती।चारु सारा दिन घर के काम करती रोज नीता चारु को कोई नया काम बता कर जाती ।

एक दिन चारु ने श्रेयस की अलमारी ठीक कर दी उसे उस में कुछ फोटोज मिले जो किसी लड़की के साथ थे।शाम को जब श्रेयस आया तो चारु ने पूछा वो लड़की कौन है तुम्हारे साथ फोटो में श्रेयस बोला मेरी जासूसी करती हो इसलिए तुम्हे इस घर में लाए थे । मैं तो पहले से ही इस शादी के फेवर में नहीं था ।

कहा से गवार मेरे माथे मढ़ दी गई दुबारा मेरी चीजों को हाथ लगाया तो हाथ तोड़ दूंगा।श्रेयस ने बुरी तरह चारु का हाथ मरोड़ दिया।तभी दरवाजे पर नोक हुई । चारु के घर से कॉल था।चारु को रोता देख रवि ने कॉल काट दिया क्या हुआ ? रवि ने पूछा क्या होगा

इस गवार जासूस को मेरे पीछे जो लगा दिया है।श्रेयस बाहर चला गया।चारु के घर से फिर फोन आया रवि ने साफ झूठ बोल दिया बच्चे डिनर पर गए हैं।ज्यादातर फोन आते तो यू ही झूठ बोल दिया जाता और कभी बात होती तो सब सिर पर होते।एक दिन शाम को घर में कोई नहीं था

चारु सामने वाले पार्क में जा बैठी वहां उसे उस के पड़ोस में रहने वाली सामंथा मिली।सामंथा उसके पास आई और बोली यू आर न्यू मेड ऑफ राजन फैमिली।नो आई एम नोट मेड आय एम their daughter in law. व्हाट दे टोल्ड everyone they bring a new household help from India.Their daughter in law lived in tehachapi . What are you saying I think you have some misunderstanding. no my dear we attend their marriage and they had a 7 month baby also.

चारु का सिर घूमने लगा वो सोच रही थी कि मैं क्या करूं तभी वहां नीता आ गई और बोली तुम यहां क्या कर रही हो जी मैं बस पार्क में हवा खाने आई थी।ये पड़ोसन क्या कह रही थी जी कुछ नहीं अपने बच्चे को खिला रही थी।बाहर किसी के साथ बोला मत करो जी अच्छा।चारु घर आ गई शाम का खाना नाश्ता बनाया की रवि आ गया ।

श्रेयस नहीं आया नहीं उसे कुछ काम था तो वो न्यू जर्सी गया है बताया नहीं बिना सामान के अरे स्टोर पर उसका सामान होता है।पापा मुझे घर बात करनी हैं हां हा करो।वीडियो कॉल पर सबने देखा और पूछा चारु कमजोर लग रही थी। चेहरा सुख गया था उसकी मां ने पूछा पर वो बोली कि वायरल फीवर था

इसलिए सबने पूछा इंडिया कब आएगी तो रवि ने कहा कि अभी तो अगले हफ्ते ये दोनों फ्रांस जा रहे है घूमने फिर देखेंगे ऐसे ही बाते करके फोन रख दिया पर रजत को कुछ ठीक नहीं लग रहा था।एक दिन नीता और रवि अपने किसी फ्रेंड की एनिवर्सरी की पार्टी में दूसरे शहर गए थे

और श्रेयस भी नहीं था घर में श्रेया और चारु थे उस दिन ठंड भी बहुत थी शाम को श्रेया के दोस्त आ गए।चारु ने सबके लिए खाने का इंतजाम किया और वो ऊपर आने लगी तो श्रेया का दोस्त बोला ये ड्रिंक नहीं करेगी ।नहीं यार ये मेड है, इतनी ब्यूटीफुल इसे छू लूं क्या? चारु डर कर ऊपर आ गई और कमरे की कुंडी लगा कर बैठ गई। बहुत देर नीचे शोर शराबा चलता रहा दो बार किसी ने दरवाजा खोलने की कोशिश भी की पर कामयाब नहीं हुआ।

चारु फैसला कर चुकी थी कि वो यहां से जाएगी।अगले दिन श्रेया अपने दोस्तों के साथ चली गई तो चारु ने सामंथा का दरवाजा बजाया और बोली आई वांट टू मेक अ कॉल टू इंडिया ।चारु ने रजत को फोन लगाया और सारी बात बताई भैया प्लीज़ मुझे बचा लो इन्होंने मुझे नौकरानी बना दिया है।घर में कैद कर रखा है श्रेयस की पहली पत्नी और बच्चा है।मुझे बचा लो।चारु बात कर सामंथा के घर से निकली थी

कि सामने रवि और नीता खड़े थे वहां क्या कर रही थी रवि ने पूछा जी मेडिसिन पूछने गई थी चलो अंदर ।अंदर आते ही नीता ने दो थप्पड़ उसे मारे और बोली उस दिन ये पार्क में भी उससे बात कर रही थी मैने देखा था।इसका पासपोर्ट कहा है वो तो सब पहले ही श्रेयस ने आपके कमरे में रख दिया था।

आप तो मुझे लक्ष्मी बना कर लाए थे यही कहा था ना आपने पापा से।झूठ बोला आप लोगों ने श्रेयस की पहली शादी हो चुकी हैं एक बच्चा भी है फिर मुझे क्यों लाए ।श्रेया चिल्लाई एक थप्पड़ लगा रवि बोले तेरे बाप को ये कहता नौकरानी चाहिए उसे भी तो बड़ी पड़ी थी

तेरी शादी की बाहर का रिश्ता आया और पट शादी करदी कुछ इंक्वायरी भी नहीं की। ऐसे होते है मां बाप अब तू कही नहीं जाएगी समझी ।अब तो चारु की जिंदगी और भी बदतर हो गई इतनी ठंड की उसको आदत नहीं थी ठंड और काम की वजह से वो बीमार रहने लगी।उस नंबर पर रजत फोन करता तो कोई फोन नहीं उठाता था क्योंकि रवि और नीता ने चारु का भाई स्मगलर है

और पुलिस केस हो सकता हैं इस डर से no ब्लॉक करवा दिया था।रजत का एक दोस्त था जो पुलिस में था रजत ने उसकी मदद ली और कैलिफोर्निया में पुलिस हेल्प मांगी पर जो एड्रेस उनके पास था वो गलत था ।रवि ने अपने स्टोर घर सारे पते गलत दिए थे। रजत को जब पता चला तो उसका खून खोल गया उसने सामंथा का no दिया ट्रेस करने के लिए।पुलिस वहां पहुंची तो सामंथा बोली सर नेक्सट डोर बट आई थिंक शी इस नो मोर नो वन इन द हाउस.

पुलिस वेट करती रही जब वो लोग लौटे तो पुलिस को देख वो घबरा गए रवि बोला हमारी मेड का फ्यूनरल था हम वहां गए थे। पुलिस ने कहा हम आपके घर की तलाशी लेना चाहते हैं।वहां पर कुछ नहीं मिला क्योंकि रवि ने पहले ही सारे डॉक्यूमेंट स्टोर में छुपा दिए थे।रजत की पुलिस से बात हुई तो पुलिस ने यही कहा वहां कुछ नहीं मिला।उनके बेटा बहु तो दूसरे शहर में रहते है। घर में सब परेशान थे

काफी दिन से चारु से बात नहीं हुई थी रवि का no भी बंद आ रहा था। रजत ने रमन और विवेक को सारी बात बताई और बोला मै कल की फ्लाइट से जा रहा हूं आप लोग मां या चाची को कुछ नहीं बताना।रजत सामंथा के  no का जो एड्रेस था उससे उनके घर पहुंचा साथ में अपने पुलिस वाले दोस्त को लेकर सामंथा ने चारु के फोटो को देख पुष्टि की हा यही थी अब पुलिस के साथ

वो रवि के घर पहुंचा शाम को सब घर पर थे।रजत को देख श्रेयस और रवि घबरा गए।रजत ने पूछा मेरी बहन कहा है पुलिस के डर और दबाव में आ कर उन्होंने स्वीकार कर लिया कि ठंड के कारण उसकी जान गई।डॉक्टर की रिपोर्ट में लिखा था उसकी  मौत निमोनिया के कारण हुई थी ।

कुछ साबित नहीं हो पाया रजत वापस लौटने लगा वो बोला यहां तो तुम्हारा इंसाफ नहीं हुआ पर उस ईश्वर की अदालत में होगा बहुत बुरा होगा घर की लक्ष्मी का  सम्मान होता हैं और तुमने उसकी जान ले ली भुगतो के इसकी सजा ।रजत वापस आ गया अपने परिवार को ये दुख भरी खबर सुनाने पर उससे पहले अपने पुलिस दोस्त की मदद से रवि के स्टोर में छापा मारवा कर गैरकानूनी सामान रखने के जुर्म में जेल में बंद करवा दिया

और उनके स्टोर पर ताला लग गया।दोनो बाप बेटा जेल में सड़ रहे हैं।बेटी भाग गई और मां उसी घर में पड़ी है। दूसरे की बेटी को सताते हुए कोई यह नहीं सोचता अगर पासा उल्टा पड़ गया तो यह समाज आईना है बाहर का रिश्ता आया बिना किसी जांच पड़ताल के हम बेटी ब्याह देते हैं।जब अपने देश में किसी का विश्वास नहीं कर सकते तो परदेश में कैसे?

स्वरचित कहानी 

आपकी सखी 

खुशी

error: Content is protected !!