प्यार – खुशी

मैं बालकनी में खड़ी इधर उधर देख रही थी।तभी एक ट्रक और एक गाड़ी आ कर रुके ।मुझे लगा चलो पड़ोस में कोई आया है कुछ दिन से सामने वाले फ्लैट में काम चल रहा था।गाड़ी में से एक डैशिंग सा आदमी उतरा और दूसरी तरफ से एक लड़की जो बिल्कुल सांवली थी चाहे तो काली कह सकते हैं।

मैने सोचा लंगूर के हाथ हुर तो सुना है ।ये काली बिल्ली को इतना हैंडसम आदमी कैसे मिल गया।मै बालकनी में खड़ी देखती रही उनका सामान उतर रहा है।आदमियों की आवाज़ें।तभी अमित आ गए और मेरा बेटा नमन भी ट्यूशन से आ गया तो मुझे अंदर आना पड़ा।अमित बोले शायद सामने वाले फ्लैट में कोई रहने आ गया है।

सामान उतर रहा था उनका।हा अमित और दोनों मियां बीवी में जमीन आसमान का अंतर है।मतलब अमित बोला अरे पति ऐसा डैशिंग हैंडसम और पत्नी काली कलूटी बिल्ली।ऐसा नहीं कहते रश्मि अच्छी बात नहीं है ये।रंग रूप तो भगवान की देन हैं कोई कैसा होगा ये वो ही तो तय करता है।

आप रहने दो तभी नमन आ गया मम्मी ये होमवर्क कंपलीट करवा दो।अमित टीवी देखने लगे और रश्मि नमन को पढ़ाने लगी।अगले दिन सुबह 9:00 बजे रश्मि की बेल बजी।सामने वही काली बिल्ली खड़ी थी।उसने रश्मि को नमस्ते कहा और बोली आपके यहां जो मेड आती हैं क्या आप उन्हें मेरे घर भेज देखी ।

मै रागिनी हूं आपके सामने वाले फ्लैट में हम कल ही शिफ्ट हुए हैं।रश्मि बोली हा ग्यारह बजे आएगी भेज दूंगी।वैसे आपके घर में कौन कौन है? रश्मि ने पूछा जी यहां तो मैं और नितिन है जॉब की वजह से वैसे हमारा पूरा परिवार कानपुर में रहता है।मेरे ससुर नारायण जी की वहां बहुत बड़ी मिठाई की दुकान है।

घर में सासू मां,देवर आदित्य और बड़ी ननद विधि है जो घर के पास रहती हैं उनके परिवार में भी सास ससुर है दीदी और मोहित जीजाजी प्रोफेसर है।इतना बड़ा परिवार छोड़ कर आना मुश्किल था पर क्या करे जॉब है।ठीक है भाभी  मिलती हूं आप से।रश्मि अंदर आई तब तक अमित ने चाय बना ली थी । अरे वाह आज तो चाय बनी मिल गई ।

जी मैडम संडे है तो मेरी ड्यूटी है दोनो बालकनी में बैठ चाय पीने लगे।बात करने में तो ठीक है काली बिल्ली नहीं रश्मि ऐसा नहीं बोलते अच्छा रागिनी उसके पति का नाम है नितिन ।कानपुर से है भरेपूरे परिवार से आए हैं। ससुर की मिठाई की दुकान है।अरे वाह इतनी जानकारी इक्ट्ठा कर ली तुमने।। मेड को ले कर रश्मि बारह बजे रागिनी के घर पहुंची।

बेल बजाने पर दरवाजा नितिन ने खोला।नमस्ते बताइए वो मै सामने वाले फ्लैट से आई हूं ।रागिनी ने बताया था अंदर आइए प्लीज़ नितिन ने दोनों को अंदर आने का रास्ता दिया और रागिनी को बुलाने गया।हॉल में इंटीरियर बहुत जबरदस्त करवाया गया था।रागिनी आई बोली नहाने गई थी।

भाभी क्या लेंगी आप ।नहीं कुछ नहीं मै तो सिर्फ राधा को मिलवाने लाई थी।ऐसे कैसे पहली बार आई है आप रागिनी मिठाई और ज्यूस लेकर आई ।रश्मि के साथ उसने राधा को भी दिया।रश्मि बोली मिठाई बहुत स्वादिष्ट है जी भाभी हमारी दुकान की है। बहुत अच्छी है रश्मि बोली रुकिए भाभी ये लेती जाइए और रागिनी ने एक मिठाई का डिब्बा रश्मि को दिया।अरे नहीं इसकी कोई जरूरत नही है मैने तो बस तारीफ की थी ।

जी भाभी आप जैसे अच्छे पड़ोसी सब को नहीं मिलते ।ये हमारी तरफ से एक छोटा सा तोहफा ।रश्मि आ गई और रागिनी राधा से काम की बात करने लगी।रश्मि की पूरी  निगाह उन के घर पर होती । कब आते हैं कब जाते है। लड़ाई झगड़ा तो नहीं होता।

एक महीने तक वो गॉसिप ढूंढती रही जो किट्टी में बता सके।आखिर किट्टी का दिन आ गया।रश्मि  बन सवर कर किट्टी में पहुंची सब की निगाहें रश्मि पर थी अरे तू अपने साथ कोयला नहीं लाई जो तेरा नजर बट्टू बन जाती और सब हंसने लगी।रश्मि बोली मुझे तो उसके पति पर रश्क आता है इतना हैंडसम कि कोई पलक झपकाना भूल जाए

और कहा वो काली कलूटी ।उस दिन उसके यहां ज्यूस और मिठाई भी नहीं खाई गई इतने काले हाथ है उसके ।पूरी किट्टी सब रागिनी की ही बाते करते रहे।दिन बीत रहे थे रागिनी ने ऑब्जर्व किया था कि उसे देख औरते बातें बनाती है वो जानती भी थी कि ऐसा क्यों है पर वो कुछ बोलती नहीं थी

कुछ दिनों में आदित्य और नितिन की दोस्ती हो गई थी गर्मी के दिन थे एक दिन शाम को आदित्य नितिन के घर आया।उस दिन रागिनी ऑफिस के काम से पुणे गई थी।नितिन अकेला था तो आदित्य ने सोचा कि उसे खाने वाने का भी पूछ लूंगा।नितिन बोला अरे भैया रागिनी सब करके गई है

आइए एक ड्रिंक लेते हैं फिर डिनर साथ करेंगे।नितिन ने ड्रिंक बनाया और दोनों गैलरी में आ गए।अरे वाह कितने सुंदर पौधे है जी रागिनी को बहुत पसंद है सब उसका चॉइस है।नितिन नमकीन लाया अरे यार बहुत बढ़िया है ये तो जी हमारी मैडम का कमाल है।नितिन ने खाना गरम किया और आदित्य को भी दिया वाह यार क्या खाना बना है।

कोफ्ते तो जबरदस्त है बातों बातों में आदित्य ने नितिन से कहा इतनी गर्मी है शोर्ट्स क्यों नहीं पहने बस ऐसे ही नितिन टाल गया।अगले दिन शाम को रागिनी वापस आई तब बिल्डिंग के नीचे रश्मि और उसकी दो सहेलियां खड़ी थी।रश्मि को देख रागिनी आगे आई और बोली नमस्ते भाभी कैसे है आप ? बढ़िया कल कहा थी

तुम जी वो ऑफिस की मीटिंग के लिए urgently पुणे जाना पड़ा ।अब दो दिन छुट्टी है रेस्ट करूंगी।जाओ आराम करो रश्मि बोली।रागिनी बोली जी उसके जाते ही वो तीनों हस पड़ी नमिता बोली चेहरे पर सिर्फ दात चमकते है। दिन बीते साल खत्म होने वाला था।

रागिनी और नितिन घर जाने की तैयारी कर रहे थे कि बेल बजी । राशि आईं थी कहा कि तैयारी भाई ?बस भाभी घर जा रहे है रागिनी बोली।कब , परसो सुबह अच्छी बात है कल सोसाइटी की पार्टी है आप दोनों ने आना है ये इनविटेशन कल शाम पहुंच जाना।

रागिनी बोली भाभी कल थोड़ा मुश्किल है आप लोग एंजॉय करो ।नहीं  भाई आप दोनों को आना है अगले दिन शाम को पार्टी के हिसाब से रेडी हो रागिनी और नितिन क्लब हाउस पहुंच गए।सबका  तार्रुफ हुआ और  गेम स्टार्ट हुआ सबको कोई ना कोई टैग मिला था।

माइक पर आकर सबको बोलना था।जब नितिन और रागिनी का नंबर आया तो नितिन को टैग मिला था डैशिंग और रागिनी को नजर बट्टू।नितिन को बुरा लगा वो बोलने जा रहा था पर रागिनी ने चुप करवा दिया फिर गाने से रागिनी को अहसास कराया गया जिसकी बीवी काली उसका भी बड़ा नाम है आंखों में लगा लो सुरमे का क्या काम है।

रागिनी वहां से घर आ गई ।नितिन वही रुक गया । सब डिनर कर रहे थे।नितिन माइक पर आया और बोला लेडीज एंड जेंटल मेन आय हैव योर अटेंशन प्लीज़ आप सब का धन्यवाद आपने हमे बुलाया और जलील किया असली खूबसूरती शरीर की नहीं मन की होती हैं।

मेरी रागिनी फूल के समान है जो किसी को दुखी नहीं देख सकती।पहले मै भी आप जैसा ही था जो सुंदरता को महत्व देता था।रागिनी और मै 11 से एक ही स्कूल में पढ़ते थे।जहां मै एक समृद्ध परिवार से था ।वही रागिनी के पापा कॉलेज में लेक्चर थे।

वो मैथ्स पढ़ाते थे रागिनी क्लास की टॉपर थी पर जैसा आप सबको पता है शरीर से वो सुंदर नहीं थी।इसलिए  लड़के उससे दूर ही रहते थे।लड़कियां भी कम ही बात करती मै हैंडसम डैशिंग खुशमिजाज हर लड़की मुझ पर मरती थी।कॉलेज में भी हम दोनों को एक ही  जगह एडमिशन मिला ।

रागिनी टॉपर थी तो रैंक से मैं पैसे वाला था तो डोनेशन से। मै क्लास में कम और बाहर ज्यादा घूमता तो मैने अपने मतलब केलिए रागिनी से दोस्ती की ताकि मेरे प्रोजेक्ट और असाइनमेंट कंपलीट हों सके।तभी मेरी क्लास में आई  नव्या।जिसे देख मेरा दिल धड़का इतनी सुंदर गोरी हाथ लगाओ तो मैली हो जाए।

मेरा और उसका प्यार परवान चढ़ रहा था।कॉलेज का आखिरी साल था प्लेसमेट आ रही थी।मुझे अच्छी कंपनी में जॉब चाहिए था इसलिए मैं अपने मतलब के लिए रागिनी से टिप्स और प्रेजेंटेशन में हेल्प ले रहा था।इस बात पर नव्या नाराज़ हो गई और एक दिन आकर रागिनी को एक थप्पड़ लगा कर बोली काली कलूटी तू खुद को क्या समझती हैं ।

मेरे नितिन को मुझसे  छिनना चाहती है। रागिनी बोली नहीं नव्या ऐसा कुछ नहीं।क्या कुछ नहीं सबको पता है तू  नितिन पर मरती है तेरी सहेली आराधना ने ही सबको बताया था।रागिनी ने आराधना की तरफ देखा वो  रो रही थीं।नितिन भी हंस पड़ा पर बोला कुछ नहीं उसके बाद रागिनी कॉलेज नहीं आई

और उसका  पहले राउंड में ही टॉप कंपनी में सिलेक्शन हो चुका था वो बिचारी तो मेरी मदद कर रही थी। सिर्फ एग्जाम के लिए रागिनी आई और उसने किसी से कोई बात नहीं की।आखिरी पेपर वाले दिन रागिनी निकल रही थी कि नव्या उसके सामने आ गई

और बोली ये ले फेयर एंड लवली कुछ गोरी हो जाएगी और अपनी सहेलियों के साथ मिल उसके पूरे चेहरे पर क्रीम पोत दी और मै भी बेशर्मों की तरह हस रहा था और रागिनी से मैने ही कहा था तुमसे प्यार से बात क्या कर ली।तुम खुद को मेरी प्रेमिका समझ बैठी। मैडम अपने और मुझमें फर्क  देखा है।

काली कही कि कोई रात को  देखे तो भूत समझ भाग जाए।रात क्या यार दिन में भी इससे डर लगता हैं तेरी हिम्मत थी जो इसके पास बैठता था।हा यार रवि सही कहा तूने।वरना इस काली से बात भी ना करे मेरी जूती मतलब के लिए गधे को बाप बनाना पड़ता हैं।सब हंस रहे थे और रागिनी रोती हुई वहां से चली गई।हमे नौकरी लग गई और मेरी नव्या की शादी तय हो गई।एक शाम हम दोनों saturday पार्टी कर घर आ रहे थे।कार आउट ऑफ कंट्रोल हो गई और एक्सीडेंट हो गया।मुझे बहुत चोट लगी मेरा एक पैर पूरी तरह कुचल गया।और आप कहते है ना हैंडसम तो मै डिफेक्टिव पीस हूं मेरा एक पैर

नकली है अमित जी इसलिए मैं शॉर्ट्स नहीं पहनता।मेरी जिंदगी बेरंग हो गई ।नव्या मुझसे मिलने भी नहीं आई उसने शादी तोड़ दी। मुझे खून की जरूरत थी बहुत ब्लड लॉस हुआ था।डॉक्टर परेशान थे।तभी वहां रागिनी फरिश्ता बन कर आई वो हर तीन  महीने में वहां ब्लड डोनेट करने आती थी उसका मेरा ब्लड ग्रुप एक होने के कारण उसका ब्लड मुझे चढ़ाया गया।

रागिनी को डॉक्टर ने बताया कि मेरा एक्सीडेंट हुआ है।रागिनी मेरे माता पिता से मिली उन्हें  सांत्वना दी।तब तक वो ये नहीं जानती थी कि वो बदनसीब मै हूँ।रागिनी मेरे परिवार से घुल मिल गई और हालचाल पूछने मिलने आती।मेरी बड़ी दीदी से उसकी अच्छी जान पहचान  हो गई थी। तब तक उसको यह नहीं पता था कि वो बदनसीब मै ही हूं।मुझे डिस्चार्ज मिला मैंने

अपाहिज की तरह बिस्तर पर वक्त   गुजारा मै डिप्रेशन में चला गया और एक दिन अपनी जान लेने की कोशिश की। घर में मातम छा गया।बड़ी मुश्किल मेरी जान बची तब तक मेरे जीजाजी ने मेरे लिए नकली पैर की व्यवस्था कर ली थी ।सर्जरी कर पैर को इस लायक किया गया कि वो नकली पैर उसमें फिट हो जाए।इस बीच रागिनी दफ्तर के काम से US चलीं गई थी।

मेरी दीदी उसके कॉन्टैक्ट में थी।वो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ थी पर वो ये नहीं जानती थी कि उसका मजाक बनाने वाला अपना मतलब निकालने वाला स्वार्थों नितिन मै हूँ।क्योंकि घर में सब प्यार से मुझे बिट्टू कहते थे तो उसे मेरा असली नाम भी पता नहीं था।रागिनी ने ही मेरे जीजाजी को US से नकली पैर भेजने में मदद की थी।मै उसके अहसान के नीचे दब रहा था।

मेरा डिप्रेशन कम नहीं हो रहा था। ट्रीटमेंट चल रहा था घर आया तो नव्या के दुख में भी मै घुल रहा था।मैने नव्या को फोन किया नव्या बोली  मै अपनी ज़िंदगी एक अपाहिज के साथ थोड़ी गुजारती अगले हफ्ते मेरी शादी है मुझे दुबारा फोन मत करना।आज मैं बहुत रोया मै भगवान को  कोस रहा था कि मेरे साथ ऐसा क्यों किया।धीरे धीरे मुझे जिंदगी की तरफ वापस लाया गया।मैने ऑफिस ज्वाइन कर लिया ड्राइव करने लगा अब अपने काम खुद करता।एक दिन दीदी मेरे पास आई बोली

मुझे एक लड़की तेरे लिए पसंद है बोल कहे तो बात चलाऊ।क्यों मजाक करती हो कौन मुझ अपाहिज से शादी करेगा।कोई समझदार तो हो नहीं सकती।हा भाई वो बहुत खूबसूरत नहीं है पर सुंदर मन की रानी है ये फोटो है तू देख लेना।मैने फोटो

वैसे ही रहने दिया। शाम को वो फोटो दीदी ने मुझे फिर देखने के लिए कहा मैने तस्वीर देखी वो रागिनी थीं बहुत बदल गई थी स्मार्ट लग रही थी।कॉलेज में दो चोटी में आती थी अब अच्छा सा हेयरकट था उसका अच्छी लग रही थी।नितिन ने अपनी हा कह दी और अपनी बहन को अब तक कॉलेज में जो हुआ था वो भी बता दिया। विधि बोली तुमने कितना गलत किया

नितिन उसका मजाक बनाया अपना मतलब पूरा किया। शर्म आनी चाहिए तुम्हे।जब तुम हॉस्पिटल में थे तुम्हे खून भी उसने दिया।तुम्हारे पैर के लिए भी उसने इतने एफर्ट्स किए और तुमने क्या किया? छी मै इस रिश्ते की बात कभी नहीं करूंगी।दीदी एक बार रागिनी से मिलना चाहता हूं अपने किए कि माफी मांगना चाहता हूं।प्लीज़  नितिन के बहुत इसरार पर विधि

अपने पति और नितिन के साथ रागिनी के घर गया।नितिन को देख रागिनी आगे आई और बोली अरे नितिन तुम दीदी आप लोग  नमस्ते आइए आइए नितिन तुम कैसे ? विधि बोली नितिन मेरा भाई है रागिनी इसी को तुमने खून दिया था और इसी के लिए तुमने पैर का भी अरेंजमेंट किया था।ओह सो सॉरी नितिन  मुझे माफ करदो मुझे नहीं पता था तुम हो वरना मैं तुमसे

जरूर मिलती।तुम सॉरी मत बोलो रागिनी तुम्हारे साथ तो मैने गलत किया अपना मतलब पूरा किया तुम्हारा मजाक बनाया तुम्हारी फीलिंग्स हर्ट की मुझे माफ करदो।अरे यार वो तो बचपन था और मैं बचपन से सब सहती आई हूं।मुझे फर्क नहीं पड़ता।नितिन बोला मै तुमसे शादी करना चाहता हूं।रागिनी बोली नहीं नितिन मै तुम्हारे लायक नहीं हूं अरे लायक तो मै नहीं हूँ।मुझे ठुकरा दोगी तो मैं बुरा नहीं मानूंगा।तुम्हे पूरा अधिकार है।नितिन वहां से बाहर आ गया और रागिनी को एक खत पकड़ा गया।

प्रिय रागिनी

मै हवा में उड़ता था पर उसी हवा ने मेरे पर काट दिए।इसी में मुझे असली खूबसूरती और नकली बनावट में अंतर समझ आया। मुझे माफ करदो मैने जो किया मैं अधूरा हो गया हूं इसलिए नहीं अब तुम्हारी कीमत समझा हूँ इसलिए शादी करना चाहता हूं।फैसला तुम्हारा है कोई जबरदस्ती नहीं।

अगले दिन रागिनी का जवाब आ गया और हमारी शादी हो गई और हम एक सुखी जीवन जी रहे है।शारीरिक सुंदरता को नहीं दिल की सुंदरता को देखो जो बहुत कीमती है।मेरी रागिनी जैसा दिल और खूबसूरती किसी में नहीं होगी।

नितिन वहां से चला गया और सब चुपचाप खड़े थे।अगली सुबह रश्मि और उसकी सभी सहेलियां रागिनी के घर पहुंचे माफी मांगने के लिए ।रागिनी और नितिन बाहर निकल रहे थे।सबने हाथ जोड़कर माफी मांगी और आगे से किसी के साथ भी ऐसा व्यहवार नहीं करेंगे।रागिनी और नितिन सबको माफ कर वहां से चल दिए। 

दोस्तो दुनिया सिर्फ बाहर की सुंदरता देखती हैं किसी की आत्मा को या उसके खूबसूरत मन को नहीं देखती।

स्वरचित कहानी 

आपकी सखी 

खुशी

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