प्यार हर वक्त जाहिर करने की चीज नहीं होती – मंजू ओमर: Moral stories in hindi

राहुल देख रहा था मानसी कल से गाल फुलाए हुए हैं बात नहीं कर रही है चाय , नाश्ता, खाना सब चुपचाप रखकर चली जाती है। राहुल के समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर मानसी क्यों रूठी हुई है। बात करने पर भी ज्यादा बात नहीं करती है बस छोटा सा जवाब देकर … Read more

फैसला – मंगला श्रीवास्तव: Moral stories in hindi

माही पिछले कुछ दिनों से बहुत परेशान सी रहने लगी थी,वह ऑफिस से घर आकर चुपचाप अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेती व बहुत देर बाद निकलती। रचना देवी कुछ दिनों से लगातार उस पर ध्यान भी दे रही थी ,पर माही से कुछ पूछती तो वह हर बात टाल देती थी। हर … Read more

रुठा ना करो-   विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    ” ये रंग तुम पर खूब जँचेगा बड़ी बहू…और फिर ये कलर तेरा फेवरिट भी तो है..।” शकुन्तला जी अंजू को अंगूरी रंग की चंदेरी साड़ी दिखाती हुई मनुहार करने लगीं लेकिन अंजू तो बस गाल फुलाकर बैठी रही।         शकुन्तला जी के दो बेटे थें।घर में जब अंजू उनकी बड़ी बहू बनकर आईं तब उन्होंने … Read more

दस्तूर – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

पीहू ससुराल से पहली बार मायके रहने के लिए आई थी  जब से आई थी तब से उसे सब बदले बदले लग रहे थे पिताजी जिन्होंने हमेशा इस बात के लिए डांटा की वो ठेले वाले की  पानी पूरी मत खाया करो कितना गन्दा रहता है उसका ठेला पर पीहू को उसी का पानी पसंद … Read more

मां की नसीहत – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

ममता जी लाइट बन्द कर सोने ही जा रही थी कि डोरबेल की आवाज सुनकर ठिठक गयी। रात के 11 बजने वाले हैं इस समय कौन…हो…. सकता है। दरवाजा खोला तो सामने रुचि को देखकर हैरान रह गयी। क्या बात है रुचि इस तरह अचानक… और रौनक जी कंहा है मेरा मतलब तुम उनके साथ … Read more

कुआँ – डा. इरफाना बेगम Moral stories in hindi

बहुत ही अजीब बात है की जिस चीज़ से मैं सबसे ज़यादा ग़ुस्सा होती थी आज उसी चीज़ को अपनाया। सिर्फ अपने लिये नहीं बल्कि कई और लोंगों के लिये जिनको उसकी जरूरत थी। क्योंकि मुझे असकी जरूरत नहीं थी लेकिन उसे पाने के लिये मैने अपना अधिकार जताया। वह चीज थी एक कुआं, जिस … Read more

सारा हिसाब यहीं बराबर होता है… – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral stories in hindi

वैसे तो सास बहू के किस्से हमारे भारत में अत्यंत मशहूर हैं और हमेशा सास को ही दोषी बताया जाता है लेकिन इस मामले में बिल्कुल विपरीत स्थिति थी।  कृतिका हर छोटी-छोटी बात पर मुँह फुला लेती थी और घर वालों से झगड़ने लगती थी। मुँह फुलाना और रूठना तक तो ठीक था लेकिन अकारण … Read more

समझ – अलका पाठक: Moral stories in hindi

प्रीति आज सुबह से ही परेशान है।इतने दिनो से बेटे की मिलने की खुशी में क्या क्या नहीं कर रही थी।उसकी पसंद की खाने की चीजें एक एक करके ला कर घर में रख रही थी।उसके कमरे को अच्छी तरह से साफ सफाई कर के रखा था ताकि बेटे को आने के बाद असुविधा ना … Read more

पति परमेश्वर – पूजा शर्मा : Moral stories in hindi

क्या हुआ लक्ष्मी आज तो बहुत खुश हो? चेहरे पर अलग ही चमक है।  सुबह से देख रही हूं अकेले ही मुस्कुरा रही हो और काम करते-करते गुनगुना भी रही हो रेनू ने अपनी कामवाली बाई लक्ष्मी से पूछा जो बर्तन साफ करने के साथ-साथ गाना भी गुनगुना रही थी। लक्ष्मी कुछ शरमाते हुए बोली … Read more

बेटी और बहू का फर्क तो रहेगा ही – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

मम्मी..! मुझे यह कप सेट बहुत पसंद आया है… यह मैं ले जाऊंगी भाभी से पूछ लो, उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं..? राधा ने अपनी मां शारदा जी से कहा शारदा जी:   उससे क्या पूछना..? इस घर के फैसले मैं ही करती हूं… मेरा फैसला ही आखिरी होता है… तू ले जा ना… राधा … Read more

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