गलतफहमी – डॉ संगीता अग्रवाल  : Moral stories in hindi

आज सुबह से ही निशा का सारा बदन टूट रहा था,शायद हल्का सा बुखार भी था ,जैसे ही सुबह का अलार्म बजा,वो हड़बड़ा के उठ बैठी,पास निगाह घुमाई…पतिदेव  मजे से खर्राटे भर रहे थे।दिल किया,उन्हें कह दे,मेरे बस का आज उठना नहीं है,कर लेना खुद काम या बाजार से लेकर कुछ खा लेना। पर कह … Read more

दो कदम तुम भी चलो,दो कदम हम भी चलें। – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

केशव अपनी पत्नी रूपा की जिद पर अपनी बेटी और रूपा को उसकी सहेली के मकान में लेकर पहुंचा। जहां उसने अपनी सहेली के घर में एक कमरा किराए से ले लिया था। उसे छोड़ने के बाद केशव ने मायूस होकर कहा,रूपा, क्या तुमने मुझसे तलाक लेने का फैसला कर लिया है?  नहीं, केशव, मैं … Read more

कभी कह कर तो देखो… रश्मि प्रकाश  : Moral stories in hindi

“ अरे बहू अब तक चाय नहीं बनी है क्या… कब से हम लोग सैर कर के आ गए… आज चाय में देरी क्यों कर रही हो?” राजबाला जी ने बाहर बरामदे से ही राशि से कहा “ ला रही हूँ मम्मी जी…सब को सब हाथ में ही वक्त पर चाहिए ये नहीं कि थोड़ा … Read more

इंस्टेंट नूडल्स वाली पीढ़ी – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

दो तीन दिन से मीरा देख रही थी कि उसकी बेटी परिधि काफी अनमनी सी है। उसका खाना पीना भी बहुत कम हो गया था। वो सोच ही रही थी कि उससे बात करेगी पर अपनी नौकरी की व्यस्तता के चलते और कुछ बेटी की भी कॉलेज की गतिविधियों के चलते उसको समय नहीं मिल … Read more

अपने अपने फ़ैसले – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

आज सुबह की सैर कुछ अधिक होने के कारण मनोहर लाल कुछ थकान सीं महसूस कर रहे थे।पेपर पढ़ने बैठे तो झपकी सी आगई,जिसके कारण मेज़ पर रखा पानी का गिलास गिर गया।कुछ गिरने कीआवाज़ सुन कर माया रसोईघर से दौड़ती सी आई।पानी का गिलास गिरा देख कर समझ गई कि आज फिर,उसके पति लम्बी … Read more

निर्णायक फैसला –  बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

      पापा, आप यहाँ अकेले क्यूँ रहना चाहते हैं, बढ़ती उम्र है,आप  यहीं मेरे पास अमेरिका आ जाओ।पापा मैं आपका एकलौता बेटा हूँ, मैं सब व्यवस्था कर दूंगा,बस आप हाँ बोल दो।        नहीं बेटा, मेरा वहाँ बिल्कुल भी मन नही लगता।सबकुछ मशीन सा, न अपनी भाषा, न अपने पन का अहसास।मुन्ना जिद न कर मैं वहाँ … Read more

फैसला – स्मृता पी श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

अनुष्का, एक मेधावी, सूंदर अपने मम्मी पापा के आंखों का तारा थी| हमेशा मम्मी पापा की हर बात को एक आज्ञाकारी बच्ची की तरह मानते हुए इस जमाने में भी बाहरी दुनिया से बचते हुए पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहती|  अपनी इच्छा से सजना सवरना और टीचिंग की।  अपनी मर्यादा में रहते हुए कभी प्यार … Read more

शक का बीज –  पूजा शर्मा  Moral stories in hindi

कहते हैं पति-पत्नी से नाजुक रिश्ता कोई नहीं होता और इससे मजबूत रिश्ता भी कोई नहीं होता। दो अजनबी एक ही रास्ते के मुसाफिर बन जाते हैं जिनकी मंजिल भी एक ही होती है। विश्वास इस संबंध की सबसे बड़ी कड़ी है और जब वह विश्वास इस रिश्ते में से चला जाता है तो शक … Read more

सगुनी काकी का फैसला – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

  ताखा पर सगुनी काकी का फोटो… ब्लैक एंड व्हाइट..  वो भी बड़े दयनीय हालत में … बगल में एक डिभरी रखी हुई…..हल्की सी मुस्कुराहट के साथ अनिला ने फोटो उठाया और अपनी ओढ़नी से पोछने लगी….!    आज उसे ताखा शब्द का अर्थ भली-भांति समझ में आ गया था… आज पहली बार ही तो गांव आई … Read more

अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

अभी कुछ महीने पहले ही राशि नई सोसायटी में शिफ़्ट हो कर आई थी। एक फ़्लोर पर चार फ़्लैट थे जिसमें से दो बंद ही रहते थे वो लोग कहीं और रहते थे साल में एकाध बार आते वो भी कुछ दिनों के लिए। ये बातें सामने रहने वाली मिसेज़ जुनेजा ने बताई थी । … Read more

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