जीने का मकसद (भाग -2) : लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अशक्त मां शक्तिमान सी पास ही खड़ी थी उसके स्नेहिल हाथों का स्पर्श उसे अपने बालों पर कंधों पर महसूस हो रहा था … मां कह उसकी ओर मुड़ा ही था कि हॉस्पिटल बेड पर अपने कमर के नीचे की रिक्तता की पीड़ा से स्तब्ध हो उठा … दोनों पैर … Read more

जीने का मकसद (भाग – 1) : लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सच है मुसीबत कभी अकेले नहीं आती ना जाने उसे भी कई संगी साथियों के साथ ही आना रास आता है…! प्रत्यूष की जिंदगी भी ठीक ठाक चल रही थी..बस एक ही अड़चन थी या यूं कहें कि मुसीबत थी कि उसे अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई थी और … Read more

किस ज़माने की बात कर रही हो – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : राम राम सारा धर्म भ्रष्ट कर दिया क्यों री बहू तूझे क्या यही मिली थी खाना बनाने कोई उच्च कुलीन वर्ग की नहीं मिली कोई चाहे जिस को भी रसोई में घुसा लेती है मैं तो इसके हाथ का पानी भी नहीं पियूंगी अमिता की सांस ने अमिता से कहा … Read more

तपस्या – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

मम्मी समझाओ न पापा  को मुझे कोचिंग नहीं करनी है क्यों मेरे पीछे पड़े हैं। मैं कोटा नहीं जाउंगा। मुझे नहीं बनना डाक्टर , इन्जिनियर ।  मैं वहीं करूंगा जो मुझे पसंद है। मैं सिविल सर्विसेज में जाना चाहता हूं अतः उसकी ही तैयारी करूंगा। मम्मी में किसे समझाऊं तुझे या तेरे पापा को ।अभी … Read more

मुसीबत- मनीषा श्रीवास्तव: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज नीना को सब कुछ याद आ रहा था ।नीना समझ नहीं पा रही थी कि अपनी यादों में उठते इस बवंडर को समझना कहां से शुरू करें नीना ने फिर से अपने अतीत के गलियारे में झांक कर अपने ही पुराने दर्द को पुराने जख्मों को कुरेदना शुरू किया … Read more

छलिया दोस्त – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ देख लिए ना मेरी बात नहीं मानने का नतीजा… आपसे कितनी बार कहा था मुझे चरण पर जरा भी भरोसा नहीं है पर आप तो उस पर आँख बंद करके भरोसा करते रहे….अब बोलिए क्या होगा… बेटी के लिए जो भी जमा पूँजी रखी थी सब आपने गंवा दी।”तरूणा आवेश में अपने पति संतोष … Read more

परिणय सूत्र – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल चित्रा अमन की दुल्हन बनने जा रही है। उम्र के तीसरे पड़ाव पर आकर कल वो कोर्ट में एक दूसरे के जीवनसाथी बन जायेंगे। चित्रा को बार बार अपनी पिछली जिंदगी का बीता हुआ हर लम्हा याद आ रहा था। उसे लग रहा था कि हम चाहें कितनी भी योजनाएं बना लें पर होता … Read more

परिणय सूत्र (भाग 1) – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल चित्रा अमन की दुल्हन बनने जा रही है। उम्र के तीसरे पड़ाव पर आकर कल वो कोर्ट में एक दूसरे के जीवनसाथी बन जायेंगे। चित्रा को बार बार अपनी पिछली जिंदगी का बीता हुआ हर लम्हा याद आ रहा था। उसे लग रहा था कि हम चाहें कितनी भी योजनाएं बना लें पर होता … Read more

दिव्या(आखिरी भाग ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

“रिकार्डिंग सुनकर सब स्पष्ट हो जाएगा माते। कल दिव्या रिकॉर्डिंग सुन ले। सुनने के बाद उसके मन में आये सारे संदेह दूर कर दूँ। उसके बाद आप सब भी रिकार्डिंग सुन सकते हैं।” दिव्या की दादी के सवाल पर बारी बारी से सभी को देखता हुआ राघव कहता है। “आज तो मैं ही कई बार … Read more

जिंदगी इम्तिहान लेती है – सुषमा यादव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : गरिमा आज खुशी के मारे चहक रही थी। झट से उसने अपनी मां को वीडियो कालिंग किया, मम्मी, मम्मी, यूके के हास्पिटल से मेरा ज्वाइनिंग लेटर आ गया है। अब मैं अपनी दीदी के पास पहुंच जाऊंगी।बस वहां से दो घंटे ही लगेंगे ट्रेन से।अब आप भी हम दोनों के … Read more

error: Content is protected !!