इक अनोखा रिश्ता – सेल्वीन गोहेल
स्नेहा और राजीव सुबह पूजा-पाठ करके चाय नाश्ता करने बैठ जाते हैं। अचानक उनको याद आता हैं की, मां जीने कल रात से कुछ खाया पिया नहीं हैं। अगर जाग गई हों तो, उन्हें भी चाय नाश्ता के लिए बुला लाते हैं। “राजीव तुम चाय नाश्ता करो, में मां जी अगर जाग गई हों … Read more