झूमका – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi
क्या बात है छोटी …जब से दिल्ली से आई है खोई- खोई रहती है अपने आप हँसती है…… मुस्कुराती है…. और बार-बार ये अपने कान के झुमके को क्यों छु कर शरमा जाती है…..I तू तो खेलने गई थी ना दिल्ली , कौन सा खेल ……खेल के आ रही है कहीं दिल के खेल में … Read more