झूमका – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

 क्या बात है छोटी …जब से दिल्ली से आई है खोई- खोई रहती है अपने आप हँसती है…… मुस्कुराती है…. और बार-बार ये अपने कान के झुमके को क्यों छु कर शरमा जाती है…..I तू तो खेलने गई थी ना दिल्ली , कौन सा खेल ……खेल के आ रही है कहीं दिल के खेल में … Read more

माँ का फ़ैसला – के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

आभा प्रकाश राव के सामने उनके ऑफिस में बैठी हुई थी । प्रकाश कह रहे थे आभा जी आपका बेटा हर महीने पच्चीस हज़ार रुपए भेजता है ताकि आश्रम के सबसे अच्छे कमरे में आप आराम से रह सके । देखिए प्रकाश जी मैं संयुक्त परिवार में पली बड़ी हूँ और शादी भी संयुक्त परिवार … Read more

ननिहाल – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

अपनी मां को मायके जाने की उत्सुकता में हड़बड़ाते देखकर सुषमा इस बार पूछ ही बैठी”मां,हर साल तो जाती हो नानी के घर।इतनी गर्मी में तीन-तीन ट्रेन बदलकर जाने में क्या तुक है हर साल?अबकी तुम अकेली ही जाना,मुझे नहीं जाना।”मां का खिला चेहरा पल भर में मुरझाकर पीला पड़ गया था उस दिन। जाने … Read more

लाल गुलाब – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

फरवरी महीना उफ्फ यादों की डायरी में मुरझाया सा सूखा सा वो लाल गुलाब न जाने क्यों सुर्ख अधखिला गुलाब बन मेरी आंखों के सामने झूमने लगता है… और दिल फिर वही अठारह साल की अल्हड़ नव यौवना सा चहक उठता है…                     स्कूल से निकल कर कॉलेज की दहलीज पर पहला दिन पहला कदम थोड़ा … Read more

“नया रिश्ता” – कुमुद चतुर्वेदी : Moral stories in hindi

  अस्ताचलगामी सूर्य की ओर मुँह किये एक आदमी समुद्र के किनारे दोंनों हाथ ऊपर को  उठाये खड़ा था मानो ताजी हवा ले रहा हो… तभी अचानक वह पानी में कूद गया और डूबने लगा। कुछ लोग जो तैरना जानते थे एकदम से  पानी में कूद पड़े और थोड़ी देर में ही उस व्यक्ति को कंधे … Read more

ना जाने कैसा जमाना आ गया है -सुषमा यादव : Moral stories in hindi

हाय रमवा,ना जाने कैसन जमाना आय गवा।अब बिटिया के घर मा, बाप आके रहियैं।  ( हे राम,”ना जाने कैसा जमाना आ गया है” कि अब बेटी के घर में उसका पिता आकर रहेंगे।)  राशि के ससुर बड़बड़ा रहे थे अपने एक हमउम्र साथी से।  देखा भैया,इनका बेटवा बहू भी उसी शहर में रहता है पर … Read more

किस्मत का खेल- आरती झा आद्या   : Moral stories in hindi

इसे किस्मत का खेल ही कहेंगे कि कभी एक जोड़ी कपड़े में मायके से विदा की गई संविदा आज दुल्हन की तरह सजी दर्पण के सामने बैठी थी। संविदा की ऑंखें अपने पहने हुए लहंगे पर हाथ फेरती तरल हो गई थी। आज उसकी पंद्रहवीं वैवाहिक वर्षगांठ था, जिसके लिए उसके सास ससुर और दोनों … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 9 ) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

“चल कुछ लेकर आया जाए।” ये कहते हुए संगीता की नजर उस पर पड़ी।  “मजनूं बैठा है तेरी बगल में।” कुछ जोर से संगीता ने कहा।  “क्या कह रही है तू?” मैंने आँखें तरेरी। “तुम यहाँ कैसे?” संगीता ने उससे पूछा और मैंने मुस्कान बिखेरी।  “जैसे तुम दोनों यहाँ, सिनेमा देखने।” उसने भी उसी तरह … Read more

किस्मत का खेल- पूजा मिश्रा   : Moral stories in hindi

 आज कुसुम की शादी है ,उसके परिवार रिश्तेदार सब आंखे फाड़े उसकी शादी का स्वागत और दहेज देख रहे थे ,रात दिन काम में लगी रहने वाली कुसुम शादी के जोड़े में बहुत सुंदर लग रही थी ।       मिसेज अग्रवाल  चेयर पर बैठी सब इंतजाम देख रही थी आज उनके मन से कुसुम की सेवा … Read more

वाह री किस्मत – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral stories in hindi

शिवांगी ने बेटी से साफ -साफ कह दिया था,कि अब शादी के लिए मन बना लें।नौकरी करते हुए दो साल हो गए थे।ईश्वर की कृपा थी कि वह मान गई। मैट्रिमोनियल पर ढुंढ़ाई शुरू हुई।सजातीय लड़का मिल रहा था ,तो नौकरी अच्छी नहीं थी उसकी।नौकरी अच्छी -खासी थी तो,दिखने में सुपुरुष नहीं। खोज-बीन करते-करते ही … Read more

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