पछतावे के आँसू – लतिका
संगीता जी वृद्धाश्रम के कमरे मे लेटे हुए अपने पुराने दिनों को याद कर रही थी। उनके आँखो से बहते आँसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। नींद आँखो से कोसो दूर थी। जो उनके बहुत चाहने पर भी आ नहीं रही थी।सोच रही थी कि सो जाती तो शायद कुछ देर के … Read more