*भाई, मैं तेरी तरह स्वार्थी नहीं हूं* – तोषिका
“आज क्या बनाया है खाने में आपने मां?” पीछे से गले लगकर तारा ने अपनी मां सुषमा से पूछा।” तेरी मनपसंद कड़ी बनाई है, जल्दी से हाथ मुंह धो ले, मैं खाना गरम कर देती हू।” उधर तारा हाथ मुंह धो कर आई और खाना खाने बैठी और सुषमा से पूछा कि “मां, ये भाई … Read more