मुझमें संस्कार है पर आप में नहीं ? (भाग 2 ) – सीमा कृष्णा सिंह

अनिल अलका को बहुत प्यार करता है। वो अलका को समझते हुए कहता मां की बातों को दिल पर लो।मै उनसे बात करुंगा। अलका के आ जाने से उसका देवर नविन और उसके ससुर जी बहुत खुश रहते थे। अलका के ससुर जी अलका को बहू कम बेटी सा मान करते हैं। और नवीन तो  … Read more

मुझमें संस्कार है पर आप में नहीं ? (भाग 1 ) – सीमा कृष्णा सिंह

आज सुबह से ही राधा जी अपनी बहू अलका से बहुत नाराज़ हैं। राधा जी के घर में राधा जी की हुकूमत चलती है। उनके पति सिर्फ उनके नाम के पति.है।. राधा जी के दो बेटे हैं बड़ा बेटा अनिल और छोटा बेटा नवीन…। अलका उनके बड़े बेटे अनिल की पत्नी हैं।अलका और अनिल की … Read more

यह घर भी तुम्हारा है – लतिका श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

ऑटो रुक गया था जैसे ही सोनाली ने बैठने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए ऑटो के अंदर किसी को  देख तत्काल कदम भी मानो बाहर आने को तत्पर हो उठे थे..। मैडम बैठना है कि नहीं बैठना मेरा टेम खोटी मत करो ऑटो ड्राइवर की तीखी प्रतिक्रिया और घर जल्दी पहुचने की विवशता ने … Read more

ये घर तुम्हारा भी है – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  वक्त कैसे कैसे दिन दिखाता है… कविता बहुत कुछ कहना चाहती थी पर…. दरवाजे पर निरीह से खड़े माता पिता का हाथ पकड़ अंदर लाते हुए कहा #ये घर तुम्हारा भी है #अपने किए से शर्मिंदा रामलाल जी और शीला जी अपराधी की तरह सिर झुकाए अंदर आ तो गए … Read more

आखिरी मुलाकात – श्रीप्रकाश श्रीवास्तव: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : ‘‘मम्मी, आप चाय में चीनी बहुत डालती है।’’ अजय का स्वर तल्ख था। ‘‘क्या करूं। कभी कभी अंदाजा नहीं मिल पाता है,‘‘वसुधा के स्वर से लाचारी स्पष्ट थी। ‘‘एक ही काम आप रोज करती है तब भी सही नहीं कर पाती?’’अजय के कथन पर वसुधा का मन भींग गया। यह … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 3) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

मैं खुद को आइने में देखकर पहचान नहीं रही थी। अब मुझे चिंता हो गई कि अगर उसने भी मुझे नहीं पहचाना तो, ये सोचते ही मैं रुआँसी हो गई। मुझे ऐसे देखकर माँ ने पूछ ही लिया, “क्या बात है बेटे.. तुम्हारा चेहरा क्यूँ मुरझा गया? बालों का बनावट बदल दूँ क्या?” माँ को … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 2) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

घर जाकर मैंने पीली साड़ी के लिए पूरा घर सिर पर उठा लिया। माँ के पास तीन चार पीले रंग की साड़ी थी, सब एक से बढ़कर एक। उस दिन मुझे एक भी साड़ी पसंद नहीं आई।  “चल बाजर चल कर ही ले आते हैं साड़ी और गजरा भी ले लेना, सुंदर लगेगी।” माँ ने … Read more

बारिश का इश्क – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

रिमझिम गिरे सावन सुलग सुलग जाए मन जाने आज वर्तिका की बेटी ने पुराने गाने कैसे लगा दिए.. नहीं तो बेफालतू के धूम धमाके सुबह से शुरू हो जाते हैं। कितनी बार कहा है, “सुबह भजन लगा रहने दो। ना हो तो कोई हवा में गुँजन करने वाले गाने लगा लिया करो।” वर्तिका रविवार की … Read more

वसीयत – रश्मि सहाय : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :  पंकज ड्राइंग रूम के सोफे पर अधलेटे से थे, और सामने पड़े थे कुछ पेपर, और ड्राइंगरूम में ही लगभग समवयस्क उनकी एक बहन और तीन भाई भी मौजूद थे।     बातचीत का एक दौर खत्म हो चुका था, और वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। सभी की आंखों में आज से … Read more

इसमे संकोच कैसा – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :     ” आप यहाँ बैठिये भाईसाहब…मैं अभी पानी लेकर आती हूँ।” सोफ़े की ओर इशारा करते हुए सुनंदा जी अपने समधी प्रशांत बाबू को कहकर रसोई में चली गईं।तभी दिवाकर बाबू भी प्रशांत बाबू का सामान लेकर आ गये और बोले,” अब आप यहाँ आराम से रहिये।”   ” मैं यहाँ… … Read more

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