बारिश का इश्क (भाग – 5) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi
“कार्यक्रम में इतना उत्साह आ गया था कि जिन्होंने कभी दो पंक्ति भी नहीं लिखी थी, वो भी दो क्या छः पंक्ति की कविता फटाफट रच कर बोल रहे थे। क्या दिन थे वो भी!” वर्तिका की आवाज़ में वह उत्साह था जो उन दिनों के कार्यक्रम में छाया हुआ रहा होगा। सभी ने अपनी-अपनी … Read more