बारिश का इश्क (भाग – 5) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

“कार्यक्रम में इतना उत्साह आ गया था कि जिन्होंने कभी दो पंक्ति भी नहीं लिखी थी, वो भी दो क्या छः पंक्ति की कविता फटाफट रच कर बोल रहे थे। क्या दिन थे वो भी!” वर्तिका की आवाज़ में वह उत्साह था जो उन दिनों के कार्यक्रम में छाया हुआ रहा होगा। सभी ने अपनी-अपनी … Read more

बारिश का इश्क (भाग – 4) – आरती झा आद्या: Moral stories in hindi

लंच की व्यवस्था बगल वाले हॉल में हुई और हम सभी वहां पहुंचकर आश्चर्यचकित थे। लंच के लिए नीचे चादरें बिछाई गई थी, जो हमें गाँव के समारोह की याद दिला रहा था। खुशबूदार चादरों पर बैठकर हमने एक दूसरे के साथ खाना बाँटने का आनंद लिया। मेरे पास पहले से इस तरह के समारोहों … Read more

खुशफहमी – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

कभी कभी मनुष्य बडी ही खुशफहमी में रहता -कि वही  कर्ताधर्ता है। उसने बिना एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं होना चाहिए जो वह सोचता है वही सच है वाकी कि पूरे  परिवार में सोचने समझने की  औकात ही नहीं है। सागर जी एक नौकरी पेशा, सुखी गृहस्थ थे। वे दो वेटी व  एक … Read more

मधु स्मृति –  बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

  भाई, इस घर से बाबूजी की यादे जुड़ी हैं, इसको मत बेचो,कुछ तो सोचो,बाबूजी की आत्मा को कितना कष्ट होगा।          भैय्या, बाबूजी के प्रति मेरा भी आप जितना ही लगाव और श्रद्धा है।पर वे अब इस दुनिया मे नही है और मैं अमेरिका में रहने लगा हूँ,अब आप ही बताओ मेरे हिस्से के मकान का … Read more

घर की मिठास (भाग 2) – लतिका श्रीवास्तव: hindi stories with moral

hindi stories with moral : तीन दिनों बाद ही पापा का जन्मदिन है इस बार पापा पचास वर्ष पूरे कर लेंगे … भैया मैने पापा की इस पचासवीं सालगिरह के लिए एक सरप्राइज़ प्लान किया है सुबह सुबह ही वीना वरुण के पास फुसफुसाकर कह ही रही थी तभी मां हाथ में आरती की थाली … Read more

भाग्य विधाता – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

” क्या हुआ, कहीँ बात बनी?” अविनाश जी सोफे पर आकर निढाल होकर बैठ गये।जब सरला ने दुबारा पूछा तो उनहोंने नहीं में सिर हिलाया ।बेटी गीता के ब्याह को लेकर दोनों पति पत्नी आजकल परेशान थे।जहां जाते ,कहीँ दहेज की मांग अधिक होती, कहीँ लड़का पसंद नहीं होता, कहीँ खाने पीने वाला होता ।कहीं … Read more

किस्मत के रंग या खुदगर्जी – प्राची अग्रवाल : Moral stories in hindi

छाया अपनी आलीशान गाड़ी में बैठकर मंदिर जा रही थी। गाड़ी से उतर कर वह मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ी। तभी वह मंदिर के पास लगी दुकानों से फूल खरीदने के लिए रुक जाती है। ‘बहन जी पूजा के लिए फूल देना‌’ उसने फूल बेचने वाली साधारण सी महिला से कहा। लेकिन जैसे ही उसकी … Read more

बाप हूं तेरा – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बाप हूं तेरा, तुझे क्या लगता था तू अपनी किडनैपिंग का झूठा नाटक करेगा और मैं तुझे₹200000 दे दूंगा, मेरी गर्दन पर ही छुरी चलवा रहा था , तुझे शर्म नहीं आई अपने बाप का ही नुकसान करवाते हुए! तेरी संगति के जो आवारा लड़के हैं उनके साथ मिलकर अपने बाप को ही लूटने चला … Read more

गृह प्रवेश मां का – माधुरी : Moral stories in hindi

दिवाली की छुट्टियां आने बाली थी,सबिता ने अपने पति दीपेन के नाक में दम कर रखा था।कहे देती हूं, या तो दीवाली पर मां को यहां ले आओ या हम लोग वहीं चल कर दिवाली मनायें के।नहीं तो मैं मायके चली जाऊंगी। अच्छा बाबा मायके जाने की धमकी तो मत दो कम से कम,बैसे भी … Read more

राधिका, ये घर मेरा भी है – मंजू ओमर: Moral stories in hindi

राधिका आज बेमन से बिस्तर पर पड़ी थी उठने की इच्छा ही नहीं हो रही थी । चाय की तलब तो लग रही थी लेकिन बनाने की इच्छा नहीं हो रही थी। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। राधिका घर में अकेले थी इसलिए उसे ही उठना पड़ा दरवाजा खोलने के लिए ।जब दरवाजा खोला तो … Read more

error: Content is protected !!