औकात – मनिका गर्ग : Moral stories in hindi

“औकात” कितना अजीब शब्द है ना… कितनी कितनी नकारात्मकता झलकती है इस शब्द में.. पर जाने क्यों आज बलजीत से मिलने के बाद इस शब्द से मानों नफरत सी हो गई। मन आज अचानक 15 वर्ष पुरानी यादों में खो गया। अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट करने के बाद मैंने समय व्यतीत करने के लिए  एक स्कूल जॉइन … Read more

किस्मत का करिश्मा – मुकुन्द लाल : Moral stories in hindi

देवांश अपनी शिक्षा-दीक्षा पूरी करने के बाद रोज़ी-रोटी के लिए प्रयत्न करने लगा। लम्बा-चौड़ा सुगठित बदन और मजबूत कद-काठी होने के कारण उसने सिपाही और दरोगा की नौकरी के लिए प्रयास शुरू कर दिया, किन्तु कभी वह फिजीकल में छट जाता तो कभी लिखित परीक्षा में। इस तरह उसकी आकांक्षा पूरी नहीं हो सकी । … Read more

औकात – अर्चना सिंह : Moral stories in hindi

आँगन की रस्सी पर कपड़े सुखाने के लिए डालते हुए मधु की माँ बीच – बीच मे मधु को मनुहार करते हुए बोलती जा रही थी..”बहुत अच्छे व धनी सम्पन्न लोग हैं, कर ले ब्याह । मैं भी निश्चिंत हो जाऊँगी । मधु आईने में देखकर चोटी बना रही थी और माँ की बातों को … Read more

पगली – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सब लोगों का झुरमुट लग गया था उस विशाल बरगद के पेड़ के चारों ओर,रेलवे स्टेशन की भीड़भाड़ आज ,अचानक उस चबूतरे के चारों ओर थी जहां वो “पगली “बैठा करती थी रोजाना, जाड़े, गर्मी,बरसात,कैसा भी मौसम हो वो वहीं रहती, दीन दुनिया से बेखबर,उलझे बाल,फटी हुई धोती पहने,धंसी हुए बेनूर आंखों से शून्य में … Read more

जुनून की हद तक जो जाता है वो मंजिल पाता है – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

दिव्या को बचपन से पढ़ने का शौक था। सिर्फ कोर्स की किताबें नहीं अपितु अपने भाई बहनों की किताबें भी वो पढ़ डालती थी। कभी कुछ समझ नहीं आता तो कितने सवाल करती थी कि बड़े भाई बहन खीझ भी जाते थे कि तू अपनी ही किताबे पढ़ ले वहीं बहुत है। पर दिव्या को … Read more

इन दीवारों के कान नहीं हैं – रवीन्द्र कान्त त्यागी   : Moral stories in hindi

लाहौल विला कुव्वत. अरे बेगम, ये गुसलखाने में उबलता पानी क्यों रख दिया. मुझे नहलाना है या पकाना है. अरे सुनती हो, नलके से थोड़ा ठंडा पानी लाकर मिला दो. हमने कपडे उतार दिए हैं. बहार नहीं आ सकते. खलील मियां बाथरूम से चिल्लाये. “अरे कहाँ मर गईं नसीमन की खला. यहाँ हम ठण्ड से … Read more

कड़वी यादों से बिगड़ते रिश्ते – रश्मि प्रकाश   : Moral stories in hindi

“ दीदी गूंजा की शादी में आ रही हो ना….जल्दी से आओ ना…. सब बार-बार पूछ रहे हैं घर की बड़ी बेटी कहाँ ग़ायब है…. भतीजी का ब्याह है उनको तो सबसे पहले आना चाहिए ।” रति अपनी बड़ी बहन राशि से बोली  राशि हूँ हूँ कर बोली,“ माँ को फोन दो…. हम बात कर … Read more

मां… – वीणा सिंह : Moral stories in hindi

छोटा सा शहर जो गांव की संस्कृति और आत्मा को जिंदा रखा था वहीं जन्म हुआ था शांभवी का.. दादा दादी चाचा चाची सब एक हीं घर में एक साथ रहते थे.. पिता मां भगवती के उपासक थे .. पहली संतान जब बेटी हुई तो नाम रखा शांभवी! बेहद शांत सहनशील और ठंडे स्वभाव की … Read more

मेरा कसूर क्या था? – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

 भैया ने कुछ शादी के कार्ड थमाते हुये कहा, “लगे हाथ इसे भी बांटते आना, छोटू तुम्हारे साथ जा रहा है… तुम्हारी मदद कर देगा। “ छोटे बड़े सामानों की सूची… पैसा भाभी ने मुझे पहले ही थमा दिया था… ड्राइवर गाड़ी में थैले रख रहा था। आज ही मैं आई हूं। भैया की बेटी … Read more

झूठा प्यार – माधुरी गुप्ता : Moral stories in hindi

कॉलिज में घुसते ही नीता की नजरों ने सपन को तलाशना शुरू कर दिया,जब कहीं भी नहीं नजर आया तो क्लास रूम में आगई। क्लास रूम में आई,देखा सपन किसी किताब में नजरें गड़ाए बैठा था। ये लो मै पूरा कॉलिज छानआई जनाव की तलाश में और ये जनाव किताब पढ़ने में मश्गूल हैं। अच्छा … Read more

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