मन की अशांति – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi
माया जी शहर के अशांती भरे माहौल को छोड कर वापस अपने कस्बे जा रही थीं ।शहर की अशांति से तो निकल गई। किन्तु मन की अशांति से कैसे निकले। जो रह-रहकर मन में हूक मार रही थी। बेटे की बातों ने हृदय छलनी कर दिया। यदि आज बहू यह सब कहती तो शायद इतना … Read more