जिंदगी कीमती है- अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

ये क्या अनर्थ कर दिया एक ऐसी लड़की को तू अपने घर की बहू बना लाया जिसकी बारात वापस चली गई  कुसुम आंखे निकालती हुई बोली और लता डर के कारण सुहास के पीछे छिप गई । सुहास बोला मां मेरी बात तो सुनो अगर बारात वापस चली गई तो इसका क्या दोष है ऐन … Read more

परवाह – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

पिता जी की तबियत ठीक है ना मां बड़ा बेटा दीप फोन पर पूछ रहा था और मां सोच में पड़ गई कि क्या जवाब दूं।सही सही बता दूं या….!! ऐसे क्यों पूछ रहा है बेटा उसीके प्रश्न को घुमा दिया था मां ने। नहीं वो क्या है ना पिताजी से कई दिनों से बात … Read more

पूर्णिमा का चाँद – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

आज अरुंधति बहुत खुश थी उसका देवर नीलेश जिसे उसने सास ससुर की असमय मृत्यु के बाद बच्चे की तरह पाला था। उसने अपने भावी जीवन के लिए एक लड़की प्रिया को पसंद किया था। अब वो उसे लेकर अरुंधति और उसके पति राघव से मिलाने ला रहा था। सुबह से ही अरुंधति बहुत चाव … Read more

ये क्या अनर्थ कर दिया तुमने – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

सत्यम का मन ऑफिस में भी नही लगा.. घर भी जाने की इच्छा नहीं थी खाली खाली सा ये घर !जहां नेहा और निधी की शरारतों से घर का कोना कोना चहकता रहता था.. मां बाबूजी की उदास डबडबाई आंखे उफ्फ! कैसे सामना करूं.. भगवान तू मेरी कैसी परीक्षा ले रहा है.. अर्चना तूने #ऐसा … Read more

पति से पंगा – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“कुछ दिनों से ऐसा लगता है सब काम गलत ही हो रहा है… जिस काम में हाथ डालो… वही उल्टा पड़ जाती है… क्या करूं कुछ समझ में ही नहीं आ रहा…!” सुमति जी ने अपनी मां के बाल बनाते हुए कहा…  सुमति जी की मां अभी दो दिन हुए उनके पास आई थी… मां … Read more

टीवी रिश्तों को जोड़ने का जरिया – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

आज जब राखी टीवी पर रामायण देख रही  थी तो सहसा अपने बचपन  में चली गई   जब सब मोहल्ले वाले  साथ  में शटर वाली टीवी पर रामायण, महाभारत, रंगोली, चित्रहार और फिल्में देखते तो त्यौहार जैसा माहौल हो जाता था। जब  सब मिलकर हंसते, बोलते,खाते ,पीते हुए टीवी का आनंद लेते थे बहुत मजा आता … Read more

निर्णय (भाग 33) अंतिम भाग – रश्मि सक्सैना : Moral Stories in Hindi

कहानी निर्णय आप बताइए क्या इस कहानी को यहां खत्म कर देना चाहिए अंजलि और नेहा के कार्यक्रम के बाद रोहित की मां फिर नेहा को टॉर्चर करने लगती है, लेकिन नेहा उनका टॉर्चर सिर्फ बच्चों के कारण बर्दाश्त कर रही है उन्हें छोड़कर जा भी नहीं सकती । लेकिन नेहा का हमेशा वहां रहना … Read more

निर्णय (भाग 32) – रश्मि सक्सैना : Moral Stories in Hindi

कभी नेहा रोजी को लेकर चली जाती थी ,और कभी अंजलि नेहा के पास आ जाती थी, धीरे-धीरे रोजी बिल्कुल स्वस्थ हो जाती है , नेहा भी नई  फैक्ट्री में रम जाती है, और बहुत जल्दी ही रोहित के बिजनेस को  समझ कर और मेहनत करके बहुत ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश करने लगती … Read more

निर्णय (भाग 31) – रश्मि सक्सैना : Moral Stories in Hindi

नींद तो नहीं आ रही थी, नेहा को ,वह भी जाग रही थी, और किसी अजीब थी आशंका के मारे परेशान थी ,उसे समझ में नहीं आ रहा था रात के 3:00 बज गए हैं और अभी तक अंजली और रोजी नहीं आए इतने में उसे रोहित की गाड़ी की आवाज सुनाई देती है, तो … Read more

निर्णय (भाग 30) – रश्मि सक्सैना : Moral Stories in Hindi

रोहित रात में ही चला जाता है । उसका बिज़नेस आगे पीछे होता रहता है, तो अंजलि इतना ज्यादा चिंता नहीं करती और अब तो उसके पास दो दो बच्चों की जिम्मेदारी है ,रोहित के चले जाने के बाद वह नेहा से कहती है यह हमेशा ऐसे ही उठ के जाते हैं समझ में ही … Read more

error: Content is protected !!