सॉफ्ट टारगेट – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

विद्यासागर जी पुराने जमीदार थे।कभी उनकी तूती बोलती थी।शान शौकत तो थी ही,साथ ही विद्यासागर जी का रूवाब बेइंतिहा था।जिधर से निकल जाते थे,उधर ही उनकी रियाया सर झुका कर खड़ी हो जाती।इतना होने पर भी विद्यासागर जी रहम दिल थे,अपनी रियाया के प्रति हमदर्दी रखते थे। जमीदारी उन्मूलन के बाद सब रुतबा खत्म,बस मजदूरी … Read more

मेरे सैय्या सुपरस्टार. – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा: Moral Stories in Hindi

अपने भैया के साथ लंबी बातचित् में मशगूल बुआ जी  को देख कर पूरे घर में बच्चों के साथ-साथ सभी  बुआ जी को तिरछी नजरो से देख रहे थे। इतना खुश तो वह होली- दिवाली में भी नहीं होती थीं। फोन पर उनके चेहरे और भाव भंगिमा से एक अलग ही खुशी टपक रहीं थी। … Read more

हाउस हसबैंड – डॉ पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

राशि बहुत ही हंसमुख और प्यारी सी लड़की थी। उसका अभी कुछ ही समय पहले अमन के साथ प्रेम विवाह हुआ था। जिसमें दोनों के परिवार की सहमति थी। राशि ने अपनी शिक्षा मनोविज्ञान विषय में पूर्ण की थी और अब वो प्रमाणित काउंसलर थी और अपना खुद का क्लिनिक भी चलाती थी। शादी के … Read more

रिश्तों की डोर – शिव कुमारी शुक्ला: Moral Stories in Hindi

बच्चों  के स्कूल चले जाने के पश्चात मेधा अकेली रह गई घर में। वह उदास  बैठी सोच रही थी  आज उसकी उन्नीसवीं  मेरिज एनिवर्सरी है। शायद  मेहुल को तो यह दिन याद ही नहीं होगा कि  आज के  दिन ही वह अपना घर परिवार छोड पूर्ण विश्वास के साथ मेहुल का हाथ थाम आपना नया … Read more

हर एक रिश्ता _जरूरी होता है। – अंजना ठाकुर: Moral Stories in Hindi

रीमा नई नई शादी हो कर आई थी ससुराल मैं सास ,ससुर ,पति राकेश ,और एक शादी शुदा ननद सांची  है ननद के एक दो साल की बेटी पीहू है जिसको लिवर इन्फेक्शन है उसके इलाज के लिए उसे मायके आना पड़ता है क्योंकि उसका ससुराल छोटे शहर मैं है  राकेश भी अपनी बहन को … Read more

रिश्तों की डोर ना हो कभी कमजोर – कमलेश आहूजा: Moral Stories in Hindi

नेहा की माँ का देहांत हो गया था।तेरहवीं की रस्म करके अभी अपने घर आई थी कि भाभी का फोन आ गया  -“हैलो दीदी,आपसे एक बात पूछनी थी प्लीज बुरा नहीं मानना।” “हां रीना,पूछो क्या बात पूछनी है?” “दीदी मम्मी जी की दो सोने की चूड़ियां एक गले की चैन,एक जोड़ी टॉप्स और कान की … Read more

रिश्तों की डोरी टूटे न – शनाया अहम: Moral Stories in Hindi

ये आप क्या कर रही हैं , आज फिर आपने ये पुराना एल्बम उठा लिया है और फिर से अपना दिल दुखाना शुरू कर दिया है आप ने।  कितनी बार आपसे कहा है भूल जाइये उन रिश्तों को जिनकी डोरी इतनी कच्ची थी,जो ज़रा से झटके से टूट गई।   अपनी माँ सीता देवी के हाथों … Read more

दादी जी और मैं – दिक्षा बागदरे: Moral Stories in Hindi

दादी जी कहती थी मैं राधिका जी को। वह एक सरकारी स्कूल मै शिक्षिका थी। मेरा शुरू से ही स्वभाव रहा है कि मैं अपने आसपास बाजार में महिलाओं से, बच्चों से  सामान्य बातचीत कर ही लेती हूं। इसका मतलब यह नहीं कि मैं हर किसी से बात कर लेती हूं पर हां  विशेष तौर … Read more

रिश्तों की डोर यूं न तोड़ो – मंजू ओमर: Moral Stories in Hindi

संगीता कई दिनों से यूं उदास बैठी थी ,कारण संगीता के बड़े भाई की तबियत कुछ ज्यादा ही खराब थी ।आई,सी यू में भर्ती हैं की दिनों से ।वो भाई से मिलने जाना तो चाहती है लेकिन संगीता के पति पंकज बिल्कुल भी तैयार नहीं है जाने को।और अकेले भी नहीं रहेंगे क्योंकि उनको स्वास्थ्य … Read more

बेनाम रिश्ते – करुणा मलिक: Moral Stories in Hindi

कहाँ हो यजमान …… कित्ती देर  से दरवाज़ा खटखटा रही हूँ…कहाँ गए सब ? ए….. मालती …. अपनी माँ और दादी को तो बुला दे   बेटा । मालती ने आवाज़ सुनी और कमरे में लेटी अपनी माँ से कहा—-मम्मी…. वो बाहमणी दादी …आ गई । जब देखो … मुँह उठा कर चली आती है … Read more

error: Content is protected !!