*निःशब्द रिश्ते* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
भाई रमेश तुमने नोट किया,जबसे माँ बीमार पड़ी है, तब से नयना ने यहां जल्दी जल्दी आना शुरू कर दिया है। बस सुरेश तुमने कह दिया जबकि मेरे मन मे ये बात पहले से ही थी। माँ के तो अब चला चली के दिन है,ये घर और प्लाट पिता छोड़ कर गये हैं।नयना कहीं हिस्से … Read more