नयी पीढ़ी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       अपने इकलौते बेटे अंकुर के विवाह के लिये वसुंधरा जी ने अनगिनत सपने देखे थे लेकिन कनाडा जाते ही उसने सूचना दी कि साथ काम करने वाली एक विजातीय लड़की तान्या के साथ उसने विवाह कर लिया है तो उनके सारे सपने चूर- चूर हो गये थे।पति से अक्सर कहतीं कि आजकल के बच्चे अपने … Read more

दौर – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज अपने पीछे भागते लोगों को देख सुनैना दंग है हां दंग क्योंकि ये वही लोग हैं जो कभी नज़रे चुराया करते थे ,कभी घर आने को कहूं तो ऐसा न हो कुछ मांगने आज जाऊं लोग कहीं जाने का बहाना बना दिया करते थे और तो और सामने पड़ जाऊं तो लोग कतराके ऐसे … Read more

बेटी बनाम बहू – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

यदि हर सास अपनी बहू को एक साधारण इंसान समझ ले जिसको दर्द होता है,थकती है, भूख-प्यास लगती है,कड़वी बातों से उसका स्वाभिमान  चोटिल होता है, वह भी हाड मांस की बनी इंसान है कोई रोबोट या मशीन  नहीं जो केवल चौबीस घंटे काम करती  रहेगी।सुबह पाँच बजे से उठकर रात ग्यारह  बजना तो मामूली … Read more

दावानल – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

हमारे गाँव की जिस बिजली (ट्यूबवेल) पर बाबा जी जा रहे थे उसके ऑपरेटर एक सरदार जी थे जिन्हे पूरा गाँव मिल्खा कहकर पुकारता था। मिल्खा बाबू कोई सामान्य सरकारी आदमी नहीं थे। बरसों तक इस इलाके में रहने के कारण यहाँ के इस ग्रामीण वातावरण में पूरी तरह रच बस गए थे। किसी की … Read more

समझौता – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज रात भर रेखा को नींद नही आई ये सोच सोच कर कि कल क्या होगा। अभी तक तो वो निश्चित रहती थी कि जो होगा रमेश देख लेंगे और देखते भी थे  यही हक़ीकत है घर से लेकर बाहर तक के सारे काम वो देखते थे। उसे तो सिर्फ़ रसोई और बच्चों  को  देखना … Read more

अगले जन्म मोहे बिटिया ना कीजो – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कितना अरमान था श्रुति को पढ़ लिख कर डॉक्टर बनेगी अपने मम्मी पापा का नाम रोशन करेंगी उनके जीवन में जो बेटे की कमी है वो पूरी करेगी। अपनी दोनों बहनों का सहारा बनेगी। कितना कुछ चाहता है इंसान पर चाहा हर बार पूरा हो ये ज़रूरी तो नहीं होता। क्योंकि जिंदगी का नाम ही … Read more

दूसरी की बेटी – पूनम बगाई : Moral Stories in Hindi

 सुबह का वक्त था, घर में ख़ुशी और उत्साह का माहौल था।  रेखा, अपने माता-पिता की प्यारी बेटी, ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया था। घर के सभी लोग उसके आसपास इकट्ठा थे। मिठाइयाँ बँट रही थीं, बधाइयाँ दी जा रही थीं, और सबकी निगाहें रेखा और उसकी नन्हीं बेटी पर टिकी हुई थीं। … Read more

यही जीवन की सच्चाई है – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

उमा ,,उमा उठो … देखो शायद दरवाजे पर कोई खड़ा है … जी आपको तो पता है ना… मेरी तबीयत ठीक नहीं है… आप ही जाकर देख लीजिये कौन है… हो सकता है ऐसे ही बच्चे हो कोलोनी के… वह भी दरवाजा खटखटा के चले जाते हैं… उमा जी फिर करवट कर लेट गई … … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

*फर्ज और अधिकार* – पुष्पा जोशी रीमा ने कहा-‘मैंने सुना है कि पिताजी का स्वास्थ बहुत खराब है, कहीं वे अपनी जायदाद राजेश भाई के नाम न कर दे। आप भी उनके बेटे हो आपका भी सम्पति पर अधिकार है। आज आप जाकर तलाश करना।’ उमेश ने कहा है- ‘हॉं हमारा भी अधिकार होता अगर … Read more

अपना बुढ़ापा स्वीकार करें – ऐश्वर्या गोयल : Moral Stories in Hindi

आज सोमवती अमावस्या है, खाने में लहसुन प्याज मत डालना। मंदिर से आई मेरी सास सरिता ने मुझे प्याज काटते हुए टोका। “पर मम्मी हम कबसे अमावस्या को प्याज लहसुन का बैर मानने लगे?”  “तुझे तो बस बहस करवा लो सुबह सुबह।” सास बरस पडी।  मुझे भी गुस्सा आ गया। मैंने बोला, “मम्मी आपको नहीं … Read more

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