प्यार दिमाग से नहीं दिल से होता है… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

नीला शलभ की सहपाठी थी, दोनों में प्यार हुआ और माँ -बाप की इच्छा के विरुद्ध जा शलभ ने नीला से शादी कर ली। शलभ की इस हरकत से उसके पिता दिवान साहब को बहुत आघात लगा। समाज में उनका रुतबा था, शहर के नामी -गिरामी लोगों में से एक थे दीवान साहब। शलभ उनका … Read more

तुलना प्रेम में कड़वाहट डाल देती है – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

आज सास- बहू अपने घर की होने वाली नई बहू ऋतु के लिए गहने खरीदने गई थीं। ” बहू,जरा देखो तो ये हार नितिन की दुल्हन के लिए कैसा रहेगा ? ,, सुमित्रा जी ने अपनी बड़ी बहू निधि को दिखाते हुए कहा। ” बहुत सुंदर है मां जी, लेकिन इसके साथ के झुमके छोटे … Read more

अपने ही घर से शुरुआत होती है – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

कुछ औरतें मिलकर शादी के गीत गा रही थी… कुछ ढोल ताशे बजा रही थी… कहीं हंसी ठहाके चल रहे थे… घर पर काफी गहमा गहमी थी और हो भी क्यों ना..? घर की बेटी सपना की शादी जो थी… वह वही बैठी मेहंदी लगवा रही थी.. जहां घर में इतनी रौनक थी… वही निवेदिता … Read more

परिवार है तो परवाह है – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

सुनो ना निशांत… तुम्हारी यह मीटिंग कोई और नहीं कर सकता हमें यहां आए हुए अभी 2 ही महीने हुए हैं और तुम मुझे  छोड़कर 2 दिन के लिए मीटिंग करने के लिए मुंबई जा रहे हो, मैं कैसे रहूंगी यहां और खासतौर से बिट्टू के साथ जो अभी पूरी साल भर की भी नहीं … Read more

घमंड का टूटता घोंसला – पूनम बगाई : Moral Stories in Hindi

साथ बचपन में खेले, छोटे भाई पर जान छिड़कने वाले महेश ने उम्र और पैसा बढ़ने के साथ ही माँ और परिवार दोनों से कटाव महसूस करना शुरू कर दिया।  महेश और राकेश, दो भाई, एक ही छत के नीचे रहते थे। उनका परिवार बंटा नहीं था, पर उनके दिलों में धीरे-धीरे दूरियाँ बढ़ने लगी … Read more

कुछ सुलगते प्रश्न – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

 “मैं अकेला रह गया हूं ” सोमेश को दख कर राजेश फफक फफक कर रो पड़ा था  ।उस  के लिए भी अपने आप को सम्हालना ‌ कठिन हो गया था । उसने बड़ी  कठिनाई से राजेश को सांत्वना दी । धीरे धीरे दोनों  नार्मल हुए । घर आकर भी वह बेचैन ही रहा ।बार बार … Read more

अपने तो अपने होते हैं – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 देख छोटू तुझे किसी बात की चिंता करने की जरूरत नही है।रात में तेरी भाभी राज के पास   रुक जाया करेगी और दिन में मझले की घराली सुमन रहेगी।और हम सब हैं ना,तू काहे फिकर करे है।        आशीष ने अपने बड़े भैय्या के बोल सुनकर उनके कंधे पर अपना सिर रख लिया और सुबक … Read more

संतुलन – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 अरे सोनम… सुनो ना , तुमने नाश्ता बनाया है ना मेरे लिए  ,वो एक टिफिन में पैक कर दो…. क्या ..? पैक कर दूं…?  पर क्यों…? आश्चर्य से सोनम ने विशाल से पूछा ….अरे बताऊंगा बाबा ..सब बताऊंगा …।      वो शर्मा जी बाहर खड़े हैं , मैं एक मिनट में आया , बोलकर अंदर आया … Read more

जीवन का सच – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

सुमन एकटक सामने पड़े पैसे और जेवर को देख रही थी ।पति राघव ने टोका क्या देख रही हो सुमन ये सब तुम्हारे लिए है ।ये जेवर जिसके लिए तुम हमेशा मुझको ताने मारती रहती थी कि कभी तुमने मुझे कुछ दिलाया ही नहीं।और हां किसी दिन चलना बैंक मां के कंगन निकाल लेना उससे … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

आखिरी ख़त – मंजू ओमर अभय जी आपकी मम्मी का देहांत हो गया ,आप उनके पार्थिव शरीर को लेने आएंगे या हम लोग ही उनका अंतिम संस्कार कर दें और हां उन्होंने एक लिफाफा भी छोड़ा है आपके लिए। नहीं नहीं मैं आ रहा हूं श्याम लाल जी अभय बोला।            वृद्धाश्रम से मां का पार्थिव … Read more

error: Content is protected !!