*बहु ने सीमा खींच दी…* – तोषिका
ओ बहु! जरा इधर तो आ, जल्दी आ इतना धीमे धीमे कहे चलती हो? हमारे जमाने में जब हमारी सास बुलाती थी तो एक सेकंड भी नहीं लगता था आने में। पता नहीं आज कल की पीढ़ी को क्या हो गया है, भागना तो दूर चलना भी नहीं आता है। साक्षी की सास उसको ऐसे … Read more