रत्तीभर हक – संध्या त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

अरे , ये सब क्या फैला के रखी हो सुमन ….?  जाने की तैयारी करनी थी …. कपड़े वगैरह रखती… तो तुम ये सब फालतू में …..तबीयत ठीक नहीं रहती  , क्यों बना रही हो बेकार में….. आजकल कौन खाता है ये सब…. सूर्य दत्त जी ने पत्नी सुमन से कहा….।         आप चुप रहिए जी…. … Read more

विश्वासघात – मधु वशिष्ठ  : Moral Stories in Hindi

राघव की दो बहने और एक भाई और भी था लेकिन  राघव के माता पिता ने सब बच्चों को बराबर मात्रा में अधिक गहने गढ़वाए थे। जब राघव की सिलेक्शन हैदराबाद के लिए हुई तो नीता ने अपने सारे गहने सासु मां के पास रखवा दिए थे ।अपना बहुत सारा सामान भी जो कि वह … Read more

क्या मेरा कोई हक नहीं – अर्चना कोहली अर्चि  : Moral Stories in Hindi

“कहाँ खोई हो नीलिमा, कितनी आवाजें दीं, पर तुमने कोई उत्तर ही नहीं दिया। कई दिनों से देख रहा हूँ, तुम्हारा चेहरा भी उतरा- उतरा है। कोई बात है क्या?” सुजीत ने नीलिमा से पूछा। “ऐसी तो कोई बात नहीं है। आजकल ऑफिस में काम बढ़ गया है, इसलिए जल्दी थक जाती हूँ।”   “क्यों झूठ … Read more

अब कैसा हक? – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

” अभय..पापा मेरे साथ जायेंगे…उन्होंने मुझे पढ़ाया-लिखाया है…अब उनकी देखभाल करने का हक तो मेरा ही है।”      ” नहीं भाई…पापा को मैं ले जाऊँगा..बचपन में मैं जब बीमार पड़ता था तो पापा रात-रात भर मेरे सिरहाने पर बैठे रहते थें।इसलिये अब उनकी सेवा करने का हक मेरा है।” अभय बोला तो फिर अजय अपने छोटे … Read more

अपना घर अपना ही होता है – चम्पा कोठारी  : Moral Stories in Hindi

लता और कमल पति पत्नी हैं। दोनों ग्रामीण  परिवेश में रहते हैं दोनों पढ़े लिखे हैं लेकिन इस तरह की शिक्षा नहीं है कि वह कहीं सरकारी या प्राइवेट नौकरी कर सकें उनके दो बच्चे क्रमशः हर्षिता और अंशुल हैं।  कमल की परचून की दुकान है जिसमें रोजमर्रा की वस्तुएँ रखी रहती हैं घर की … Read more

मुझे हक है – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

“मुझे हक है” विवाह फिल्म का यह गाना ना जाने कितने ही लड़कियों की दिल की धड़कन बढ़ा देता हैं…. उस वक्त यह फिल्म आई थी, तब से आज तक जो लड़कियां नई-नई शादी के बंधन में बंधने जाती है… कहीं ना कहीं खुद को उस फिल्म की पूनम और अपने होने वाले पति को … Read more

यादों का कारवां – शिव कुमारी शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

घूम फिर कर  देखा जग सारा, अपना घर सबसे प्यारा सबसे न्यारा  यह कहावत सौ प्रतिशत सही है कहीं भी रह आओ पर जो सकून, शांति और सन्तुष्टि अपने घर में मिलती है कहीं नहीं। चाहे फाइव स्टार होटल में रुक लो सारी  सुविधाएं होने के बावजूद दो-तीन दिन में ही लगने लगता है कि … Read more

बाबू काका का दर्द – बालेश्वर गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

बाबू काका क्या हुआ है आपको,इतने कमजोर?किसी डॉक्टर को दिखाया या नही?         बहुत क्षीण आवाज में बोले,बेटा कुछ नही बुखार आ गया था,कमजोरी के कारण उठा नही गया,डॉक्टर के पास कैसे जाता भला?        मुझे ही खबर भेज देते,मैं तो आ ही जाता।       तुम्हारा नंबर मिला ही नही,बुढापा है ना,पता नही कहाँ लिखा या रखा।      ओह, … Read more

और मितवा घर लौट आए। – भर्गानंद शर्मा  : Moral Stories in Hindi

घर बिल्कुल कच्चा था। सो प्रतिशत कच्चा। खुले आंगन के बीचों-बीच जामुन के पेड़ के नीचे बना मिट्टी का गोलकार चबूतरा। घर में रह रही थी, एक शानदार जोड़ी। दो शौक पाल रखे थे एक आपस में तथा दूसरा  सच्चे सुच्चे मोह का शौक। सुरतू और धन्नो मुंह अंधेरे उठकर नमक मिर्च वाले चार टिक्कड़ … Read more

अपना घर अपना घर ही होता है| – दुर्गा राठी  : Moral Stories in Hindi

मैं दुर्गा राठी साजा  छत्तीसगढ़ आपका ऐड पड़ा सोचा प्रतियोगिता का विषय बहुत ही अच्छा है और वाक्य भी देखा जाए तो यह प्रतियोगिता बेटियों पर आधारित है लेकिन आपने कहा कि आपको एक वाक्य दिया जाएगा उसे पर आपको अपनी कहानी लिखना है अब हम अपने विषय पर चलते हैं कि अपना घर अपना … Read more

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