पापी चुड़ैल (भाग -7)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

महाराज जी आप जैसे महात्मा जो एक दिन भी कही रुकना उचित नहीं समझते आपने मेरे परिवार की सुरक्षा की खातिर नौ दिन इस गांव में गुजर दिए….. मैं आपका कर्ज कैसे उतारूगा महाराज जी? गौरी शंकर अगर तुम ये समझ रहे हो की ये मैने तुम्हारी खातिर किया है तो तुम गलत हो , … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -6)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

जैसा कि उमा और गौरीशंकर किसी भी बातों से अनभिज्ञ थे इसलिए शाम के समय दोस्तों के साथ विष्णु और अपूर्वा को बेर तोड़ने की इजाजत मिल गई…. ध्यान रहे महाराज जी के द्वारा अभिमंत्रित होने के कारण विष्णु और अपूर्वा जो असल में वो थे ही नहीं बल्कि वो दोनो चंद्रिका के बच्चे थे … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -5)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

उनके शरीर को एक छुअन सी महसूस हुई… उन्होंने गौरीशंकर को बताना उचित न समझा और आंखे बंद करके कुछ मंत्र का जाप करने लगे ….. गौरीशंकर को लगा जैसे बाबा गृहस्थ घर में प्रवेश कर रहे हो इसलिए उसके लिए कोई मंत्र पढ़ रहे है. उन्होंने दरवाजे के नीचे के जमीन को देखा …और … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -4)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

कहकर फिर से गायब हो गई… इधर पूरे गांव में एक नौ दिनों का अखंड मंदिर परिसर में  कराए जाने का फैसला लिया गया जिसमे ब्रह्मण के रूप में गौरीशंकर का प्रतिष्ठित होने के कारण उन्हें पूजा कराने के लिए चुना गया और इसका निर्माण आसपास के योगी और सिद्ध महात्माओं को भी दिया जाना … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -3)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

जब चंद्रिका उस गोले को उस जगह दबा रही थी बिलकुल दोपहर का समय था और चंद्रिका एक खतरनाक रूप में बदल गई जिसके एक दांत बिलकुल भेड़िए के दांत की तरह नुकीला जो की उसके निचले जबड़े को फाड़ते हुए बाहर आ रही थी ,उसके एक आंख रक्तरंजित थी जिसमे से हल्की हल्की मवादें … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -2)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

नाम बता कर चंद्रिका विष्णु को कहती है…. चलो चलो तुम लोग जल्दी-जल्दी बेर चुनो मैं भी थोड़ी बहुत बेर चूनती हूं और आज मैं तुम्हारे गांव में ही रुकूंगी। इस पर विष्णु पूछता है आप किन के यहां रुकोगी? जो भी मुझे आज अपनी शरण में रहने देगा उसके यहां रुक जाऊंगी क्या तुम … Read more

पापी चुड़ैल (भाग -1)- शशिकान्त कुमार : Moral stories in hindi

परिचय:- पिताजी मेरे लिए भी एक छोटी सी गुड़िया बाजार से ला देना मैं भी उसके साथ खेलुंगी और अपने सखियों को भी साथ में खिलाऊंगी… अपूर्वा अपने बड़े भाई विष्णु को अपने पिता गौरी शंकर से पतंग लाने का लाड़ लगाते हुए देखकर बोली। गौरी शंकर हंसते हुए दोनों की बात सुनकर… हा हा … Read more

” हक़ ” – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय   : Moral Stories in Hindi

आज की भारतीय न्याय प्रणाली में बेटा-बेटी दोनों को पिता की संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी है। इसमें किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन एक बात जरुर समझने की है कि जब तक पिता जीवित रहेंगे तब तक उनकी जायदाद में कोई भी हिस्सा नहीं ले सकता किन्तु जैसे ही उनकी मौत … Read more

माँ भी तो सास है – विभा गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

   ” अरे यार…आज तो मैं मुक्त हो गई…सास नाम की घंटी से अभी ही पीछा छुड़ाकर आई हूँ।चल..’ओरियेंट माॅल ‘ में चलकर पार्टी करते हैं…।” रीमा अपनी सहेलियों से सोफ़े पर बैठकर फ़ोन पर बातें करती जा रही थी।पास बैठा राहुल लैपटाॅप पर अपना काम कर रहा था लेकिन उसका ध्यान रीमा की बातों पर … Read more

हक – कुमुद मोहन   : Moral Stories in Hindi

“मम्मा मम्मा कहां हो?”चिल्लाती हुई पीहू जल्दी जल्दी घर में घुसी! किचन में से गीले हाथ पोंछती राधा ने बताया “दीदी तो नानी के फ्लैट पर गई हैं नाना ने बुलाया था!” ” आप भी जानती हैं ना मम्मा तो मेरे हस्पताल से लौटने तक घर से कहीं हिलती भी नहीं चाहे कितना भी जरूरी … Read more

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