देवकन्या (भाग-3) – रीमा महेन्द्र ठाकुर : Moral stories in hindi

अब तक—- विशालपुरी,  उन्नतिशीलता की दृष्टि  धन सम्पदा  से परिपूर्ण  नगरी थी “व्यापारिक दृष्टि  से भारत वर्ष  के सभी राज्य इस नगर से जुडे हुए “ऐतिहासिक  दृष्टि से परिपूर्ण नगर खुद मे बहुत कुछ समेटे हुआ ” था”””उसी विशालपुरी  को पुरी नाम से भी जाना जाता था”””मगध के राजा का,राजनायक  सेनापति दक्षांक  था,जो शूरवीर के … Read more

देवकन्या (भाग-2) – रीमा महेन्द्र ठाकुर : Moral stories in hindi

अबतक आपने पढा”” पुरी,  उन्नतिशीलता की दृष्टि  धन सम्पदा  से परिपूर्ण  नगरी थी”व्यापारिक दृष्टि  से भारत वर्ष  के सभी राज्य इस नगर से जुडे हुए थे”ऐतिहासिक  दृष्टि से परिपूर्ण नगर खुद मे बहुत कुछ समेटे हुआ “”” था””” आगे—— ढोल ताशे बज रहे है,लगता है पुरी मे कोई उत्सव है,, चपला ने पास बैठी स्त्री … Read more

देवकन्या (भाग-1) – रीमा महेन्द्र ठाकुर : Moral stories in hindi

ये गाथा  शुरू होती है,उस समय से जब ,विशालपुरी के युवराज  ने,संसारिक जीवन से वैराग्य जीवन को अपनाया, पिता महाराज सिद्धार्थ  ने  जीवन से मोह त्याग कर खुद को कोपभवन  में कैद कर लिया,चारों ओर अराजकता फैल गयी” प्रजा ने क्रोधित होकर ,एक दूसरे  पर  आरोप प्रत्यारोप लगा दिये” युवावर्ग, —-अक्रोशित हो,राज्य को नष्ट करने … Read more

बहू आँखों में आँसू भरकर अपने सास के पाँव में झुक गई – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

गौरीशंकर को आज अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था । एक सप्ताह पहले उन्हें दिल का दौरा पड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था । उनका बड़ा बेटा सुबोध अमेरिका में रहता था ।  इसलिए पिता को देखने नहीं आ पाया था । छोटा बेटा सतीश बैंगलोर में रहता था वह पिता … Read more

परिवार के बिना कुछ नहीं – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चलो रिया.. फटाफट से तैयार हो जाओ शाम 6:00 बजे का शो है और मैं एक भी सीन मिस नहीं करना चाहता और हां खाना बनाने की झंझट में मत पडना हम खाना बाहर ही खाकर आ जाएंगे! वह सब तो ठीक है शुभम, एक बार मम्मी पापा से तो पूछ लो! अरे उनसे क्या … Read more

बदलाव – * पूनम भटनागर। : Moral Stories in Hindi

सीमा आज तुमने फिर मेरे कपड़े प्रेस नहीं कराए , आज चार दिन हो गए कहते हुए , मुझे आज की मीटिंग में वही नीली शर्ट पहन कर जानी थी , सौरभ ने चिल्लाते हुए कहा मैं भी तो घर में नहीं थी सीमा ने उससे ज्यादा जोर से चिल्लाते हुए कहा। तुम सुबह से … Read more

अहंकार की दीवार…. – शिप्पी नारंग : Moral Stories in Hindi

“पापा ..अगले महीने कंपनी मुझे एक साल के लिए जर्मनी भेज रही है, प्रोजेक्ट है तो  एक टीम जा रही जिसमें मेरा भी नाम है” वैभव ने खाना खाते समय अपने पापा राम कपूर से कहा-   “अगले महीने..? तुझे पता है ना दो महीने के बाद शिखा की शादी है तू कैसे जा सकता … Read more

नाराज – स्वाती जितेश राठी : Moral Stories in Hindi

बस बहुत हुआ अब ओर नहीं ना एक शब्द  ना एक और दायित्व   कुछ नहीं । कुछ नहीं करेंगे अब मेरे माँ पापा  किसी के लिए भी सिवाय नानी माँ के  क्योंकि  वो उनकी जिम्मेदारी है जो उन्होंने अपने पूरे मन से ली है और सच्चे मन से निभा भी रहे है।पर आप लोग … Read more

समर्पण – दिक्षा दिपेश बागदरे : Moral Stories in Hindi

मीठी की शादी एक समृद्ध परिवार में हुई थी। पति विवेक एक सरकारी महकमे में बड़े पद पर कार्यरत थे। मां और पिताजी दोनों ही बहुत सुलझे हुए विचारों के थे।  मीठी आज बहुत खुश थी। आज उसकी पीएचडी कंप्लीट हो गई थी। अभी-अभी वह यह खुशखबरी मां को सुना कर घर (ससुराल) आई थी।  … Read more

‘ जायदाद पर हक ‘ – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

“सीमा,ये बाऊजी के मकान के पेपर्स हैं रख लो।”स्नेहा ने सभी रिश्तेदारों के सामने अपनी नन्द को ससुर के मकान पेपर्स दिए तो वो तुरंत उठकर आई और भाभी के हाथ से पेपर्स ऐसे झपट लिए मानों कबसे इनका ही इंतजार कर रही थी।झूठे मुँह को भी नहीं बोला,कि मुझे मकान के पेपर्स नहीं आपका … Read more

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