किस्मत वाले – संगीता अग्रवाल
रामनाथ बाबू अपनी पुरानी आराम कुर्सी पर बैठे, चश्मे के मोटे शीशों के पीछे से दीवार पर टंगी उस बड़ी सी तस्वीर को निहार रहे थे। तस्वीर में तीन जवान लड़के और एक गर्वित माता-पिता मुस्कुरा रहे थे। यह तस्वीर पंद्रह साल पुरानी थी। आज उस फ्रेम पर धूल की एक बारीक परत जम गई … Read more