चाहत- एक बहन की…. – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

विश्वास की आंखों से आज अनवरत अश्रु बह रहे हैं। आज रक्षाबंधन का त्यौहार है। हमारे दोनों बच्चे बेटा अनय और बेटी सौम्या आज बहुत खुश हैं। मैं- आरती विश्वास की अर्धांगिनी। जब मैंने सौम्या से कहा आओ भैया को राखी बांधो। दोनों भाई बहन बहुत खुशी से इस त्यौहार की रस्मों को निभा रहे … Read more

समझदारी से रिश्ते बनते है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” सुगंधा कल राखी है क्या कैसे करना ?” माधव ने अपनी पत्नी से पूछा। ” क्या करना है मतलब ? अरे जो अब तक होता था वही करना हैं!” सुगंधा बोली। ” पर अभी तक तो मां थी अब बहने आयेगी तुम्हे भी मायके जाना है अपने तो कैसे होगा सब … मैं नीला … Read more

बहन… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“देखिए मिस्टर सेन… मैं आपको किसी भुलावे में नहीं रखना चाहता… आपकी दोनों किडनी फेल हो गई है खाना पीना सब छोड़ना होगा… हफ्ते में दो दिन डायलिसिस करवाना होगा…!”  थोड़ी देर के लिए कमरे में खामोशी छा गई… फिर डॉक्टर के सामने बैठे मिस्टर सेन ने टेबल पर हाथ रखते हुए कहा…” यह क्या … Read more

बेटा परछावा तो अपनों का ही पड़ता है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुलक्षणा ड्राइंग रूम में बैठकर अखबार पढ़ रही थी कि तभी  उसका बेटा अतुल उसके पास आकर कुर्सी पर बैठते हुए दुखी स्वर में बोला “मम्मी जी हमारे तो  कर्म हीं फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी  सर में  तेज दर्द हो जाए तो  तो बेटा हाल-चाल भी नहीं पूछता 2 घंटे से … Read more

छोटी मां – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

अंशु, संजू और राजू अपनी मां समान बड़ी बहन रानी जी के घर नम आंखें लिए बैठे थे जब उनके भांजे आशू ने कहा मामा, मां को अंतिम विदाई देने का समय आ गया है, आ जाओ अपनी बहन के अंतिम दर्शन कर लो। तीनों भाइयों ने भरे मन से अपनी बहन को विदाई दी … Read more

तोहफा राखी का – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

अवनी लोन में बैठी हुई चाय पी रही थी की फोन की घंटी बजी उसने देखा उसकी सहेली नेहा का फोन था l अवनी ने फोन उठाया और बोली हेलो आज कैसे मेरी याद आ गई सब खैरियत तो है l नेहा बोली की सब ठीक है परंतु तू यह बता तेरी ननंद का नाम … Read more

प्रेमकड़ी – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

नीलू अपने पति शिशिर को खाना देकर तैयार ही हो रही थी कि उसके फोन पर   कॉल आया । नीलू ने  शिशिर को कहा..”शिशिर ! जरा देखिए  किसका फोन है, मैं तैयार हो रही हूँ । शिशिर ने खाना शुरू कर दिया था । फिर नीलू ने कॉल उठाया तो देखा, मम्मी का कॉल … Read more

क्या कहें हमारे तो करम ही फूट गए जो ऐसी संतान को जन्म दी – सांची शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुरेखा जी और गोपाल जी अपने बुढ़ापे को अंधकार में देखते हुए आपस में बातचीत कर रहे थे कि क्या कमी रह गई थी उनकी परवरिश में जो उनके बेटे अंकित ने इस उम्र में उनको यह दिन दिखाया।  काजल, पूजा और अंकित के पिता गोपाल जी सरकारी स्कूल में अध्यापक थे और उनकी मां … Read more

अनोखा रक्षाबंधन – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज राखी का दिन है और दोनों बहन भाई मृदुला और शैलेश अस्पताल में एडमिट है। पूरा परिवार भी मृदुला और शैलेश की मम्मी मालाजी और शैलेश की पत्नी नित्या और दोनों बेटियां शगुन और रोली के साथ साथ मृदुला के पति गोविंद जी और मृदुला का बेटा  शिवम भी छुट्टियों में हास्टल से घर … Read more

यह बंधन है प्यार का – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“अरे वाह! आज तो लगता है,कोई बहुत खुश है | तभी तो गजलें गुनगुनाई जा रही है| ऑफिस से आकर सनी को गजलें गुनगुनाते देख मीनल ने हंसते हुए कहा| “हाँ, मीनल पता है मेरा प्रमोशन हो गया है| सैलरी भी डबल हो गई है| आज ही गणतंत्र दिवस के फंक्शन में चेयरमैन सर ने … Read more

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