परोपकारी – के . कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

ओमप्रकाश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते  थे । उनका छोटा सा परिवार था माता-पिता , पत्नी और दो लड़कियाँ थीं । जितना भी वे कमाते थे उससे उनकी ज़िंदगी आराम से गुजर जाती थी । पिता पोस्ट मास्टर करके रिटायर हो गए थे और उन्होंने एक घर भी बना लिया था । इसलिए भी … Read more

बेटी का बचपन – दिक्षा दिपेश बागदरे   : Moral Stories in Hindi

विशाल और रिद्धिमा दोनों ही नौकरी पेशा थे। उन दोनों की 5 साल की एक प्यारी सी बेटी थी मानवी। तीनों ही एक खुशहाल जिंदगी जी रहे थे।  सविता जी और महेश जी ये है रिद्धिमा के माता-पिता। मानवी के प्यारे नानू-नानी।  विशाल जब 15 बरस के थे एक कार एक्सीडेंट में उनके माता-पिता गुजर … Read more

बुआ भी बहन से कम नहीं भैया… – अमिता कुचया  : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से माही के आने की तैयारी चल रही थी। कभी सोनल अपने पति सुमित कहती- देखोजी दीदी के आने पर हमें कोई कमी न रखने है। साल में एक बार ही तो राखी का त्योहार आता है, तब सुमित कहता है क्या मैं कहीं कोई कमी रखता हूं! सोनल तू बता न…क्या लाना … Read more

बहन – माधुरी गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

इरा की भाभी ने कई बार नमन को समझाया कि आपकी छोटी बहन है आप ही आगे बढ़ कर उसे अपने घर आने को कह दीजिए न ,एक ही तो बहन है आपकी।भाई ने भीयहकह कर चुप्पी साध ली कि छोटी है तो क्या उसको भी तो अपनी गलती का एहसास होना चाहिए।मां के जाने … Read more

पहले बच्ची को चुप करवाऊँ या आपके घरवालों की ख़िदमत करूँ? – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

“आज नाश्ता नहीं बनाया क्या तुमने?” निकुंज ने राशि से कमरे में आकर पूछा जहाँ राशि रोती दीया को चुप कराने में व्यस्त थी “सुबह से दीया परेशान कर रही है… मुझे छोड़ ही नहीं रही.. खेलने को बिठाकर जाने का सोचती तो रोना शुरू कर देती है .. अब ऐसे में इसे छोड़कर कैसे … Read more

*गांव की लाज* – आसिफ त़ालिब शेख  : Moral Stories in Hindi

रूपा के बापूऽऽऽ अरे ओ रूपा के बापूऽऽ दिन ढलने को आ गया अब तो अंधेरा फैलने लगा है रूपा अभी तक घर नहीं लौटी अब कोई छोटी बच्ची तो ना रही हाथ पीले करने की आयु हो गई है उस की इतने समय तक घर से बाहर रहना उचित नहीं और तू यहां चौपाल … Read more

” बहन ” – अयोध्या प्रसाद उपाध्याय  : Moral Stories in Hindi

 रवि बाबू की दो पुत्रियां और एक पुत्र थे। रंभा और रेखा तथा सौरभ जिनके नाम हैं। तीनों का पालन पोषण रवि बाबू ने पत्नी स्नेहा के सहयोग से किया। तीनों बच्चे पढ़ने लिखने में ठीक ठाक थे। सबसे बड़ी बात तो यह थी कि तीनों सुशील स्वभाव के थे। और उनमें आपसी सहमति थी। … Read more

गर्व – हेमलता गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

हम दोनों दिन रात यहां मजदूरी कर करके एक-एक पैसा जोड़ रहे हैं ताकि तू कुछ बन जाए, अपने पैरों पर खड़ा हो जाए पर एक तू है की सुनता ही नहीं जब देखो जब आवारा गर्दी या  खेल कूद में ही दिमाग लगा रहता है अब 12वीं कक्षा में आ गया है तो थोड़ा … Read more

नेह का बंधन – निभा राजीव “निर्वी”  : Moral Stories in Hindi

वीडियो कॉल पर भाई से बात करके फोन रखने के बाद अदिति की आँखे सावन भादो की तरह बरसने को आतुर हो गईं। छुट्टी ना मिल पाने के कारण भाई नहीं आ पाया रक्षाबंधन पर.. दोनों भाई बहन का मन भर आया लेकिन क्या कर सकते थे। वह इतना दूर ही था कि एक दिन … Read more

उपहार – संध्या त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

 तृषा इसी उधेडबुन में लगी थी कि इस वर्ष राखी में वो अपनी ननद को उपहार में क्या दें ? तभी दरवाजे से आवाज आई , आंटी जी ,आंटी जी… हां आई ये त्यौहार के दिन सुबह-सुबह कौन आवाज दे रहा है… क्या है…?  एक पुराने कपड़े में करीब नौ दस वर्ष का बालक खड़ा … Read more

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