खुशियों का दीप – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अवि खिड़की से बाहर टकटकी सी लगाई बैठी थी। तभी सौरभ ने आवाज लगाई ” अवि खाने का टाइम हो गया यार अब तो खाना परोस दो।” अवि वही से चिल्लाई ” बस दो मिनिट “ सौरभ डाइनिंग टेबल पर बैठ गया अवि खाना परोस रही थी की उसे याद आया ” अरे तुमने याद … Read more

खुशियों की तलाश – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’  : Moral Stories in Hindi

सब कुछ है, पर न जाने क्यों हमारा ही घर खुशियां तलाशता रहता है, मन ही मन रमा सोच रही थी। फिर हिम्मत कर महेश से बोली, “सुनो जी! विभू नए लैपटॉप के लिए बोल रहा है।” “अभी दो साल पहले ही तो उसे लैपटॉप दिलवाया था, नए की क्या जरूरत है?” महेश जी मानो … Read more

समधनों का घर – ऋचा उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

  “अम्मा आप न कमरे से बाहर मत निकालिएगा मेरी सहेलियाँ आ रही हैं आप बिल्कुल मिसफिट हो जाती हैं उनके बीच”, रिया ने ज़ोर से अपनी सीधी सादी सरल हृदया सास कमला जी को बोला।    “ममा आप अच्छे से रेडी हो जाओ मेरी फ्रेंड्स भी तो देखें कि मेरी ममा अपनी इकलौती बेटी के साथ … Read more

एक घुटन भरे रिश्ते से आजादी मिल ही गई – रंजीता पाण्डेय  : Moral Stories in Hindi

आज सुकून मिल रहा है | घुटन नही हो रही है | इतना बड़ा फैसला लेना ,वो भी इस उम्र में | चौहतर, साल की उम्र कैसे निकल गई  ,पता ही नही चला | अब उम्र के आखिरी पड़ाव पे आराम से अपने श्री मान जी के साथ आराम से जीना चाहती हू| अभी भी … Read more

*सच्ची आजादी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      शालिनी,तू ही तो है मेरे बचपन की सखी,जिससे मैं हमेशा दिल की बात कर लिया करती हूं।       क्या हुआ शालू,क्या कोई प्रॉब्लम है,जो ऐसे बात कर रही हो?        प्रॉब्लम?शालिनी लगता है मैं घुट घुट कर मर जाऊंगी।         बता ना बात क्या है?        संजीव और शालू दोनो पति पत्नी एवं माँ शकुन्तला, कुल जमा ये तीन … Read more

खून के आँसू रोना – डाॅक्टर संजु झा  : Moral Stories in Hindi

उदय जब दस साल का था,तो प्रसव के समय उसकी माँ का अचानक निधन हो गया।उदय का जन्म उसकी माँ की शादी के बारह वर्ष बाद हुआ था,इस कारण उदय माँ के जीवन का सूर्य था।पूरा परिवार उससे अत्यधिक प्रेम करता था,विशेषकर दादा जी और माँ की आँखों का तारा था। माँ के निधन से … Read more

“शिक्षा का महत्व” – रीता गुप्ता ‘ रश्मि ‘ : Moral Stories in Hindi

         स्साली…..मुझसे जबान लड़ाती है,कहते हुए रणबीर ने अपनी पत्नी रक्षिता के गाल पर एक जोरदार तमाचा रसीद कर दिया। तमाचा इतनी जोर का पड़ा था कि रक्षिता बिलबिलाती हुई नीचे गिर पड़ी। उसकी आंखों से आश्रुधार बह चली। रक्षिता को भद्दी भद्दी गालियां देता हुआ रणबीर घर से बाहर निकल गया।             ये कोई आज की … Read more

माँ मैं नहीं चाहती थी कि – महजबीं : Moral Stories in Hindi

हो सकता है  दूसरों के लिए ये बात छोटी हो पर नीलू के तो पैरों के नीचे से जैसे ज़मीन निकल गयी। पर नीलू ने यही सोचा कि अगर उसने इस बात का जिक्र घर में किया तो हंगामा होगा और कई रिश्तों में दरार आ जाएगी जिसको भरना  शायद मुश्किल होगा।  आज जब आहान … Read more

एक लंबी लिस्ट – शिखा जैन : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही सुधांशु जी के घर में  मेला सा लगा हुआ था।उनके बड़े भाई-भाभी, छोटे भाई, भाई की पत्नी रेखा, तीनो बेटियां, दामाद सभी एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने इकट्ठे हुए थे। चर्चा का विषय था-सुधांशु जी के इकलौते बेटे ध्रुव के लिए लड़की देखने जाने वालों की सूची तैयार करना और … Read more

पहल – पूनम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

विदिप्त बहुत दिनों बाद इस मुहल्ले में लौटा था, लेकिन सड़क गलियां सब पहले से बहुत बदल गई थीं। पहचान पुरानी थी, इसलिए विपुल के घर का गेट खोलकर बेधड़क वह दरवाजा खटखटाया, दरवाजा विभा ने खोला। उसे देख वह अवाक रह गया उम्र के साथ वह अब और ज्यादा निखर गई थी लेकिन कुछ … Read more

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