उपहार (भाग-6) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

मुकुल का मन और भी तेजी से दक्षिणा की ओर भागने लगा। एक दिन जब दक्षिणा ने आधे दिन की छुट्टी ली तो मुकुल ने शाम को अहिल्या से कहा -” आज तो तुम अपनी सहेली के साथ घूमने गई होंगी?” ” पापा आज मौसी का जन्मदिन था। देखिये मौसी ने हम लोगों को क्या-क्या … Read more

उपहार (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

दक्षिणा ने भले ही अहिल्या को कुछ नहीं बताया लेकिन धीरे-धीरे मुकुल के सामने स्पष्ट हो गया कि दक्षिणा के जीवन में कष्ट , परेशानी और दुख के सिवा कुछ न था।  समीपता बढ़ने के साथ ही उसके अंदर की घुटन ने मुकुल को छू लिया और मुकुल भीतर तक तड़प कर रह गया – … Read more

उपहार (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

” हे भगवान क्या करूॅ मैं?” लेकिन ऑफिस आते ही वह सब कुछ भूल जाता। मन के चोर को छुपाने के लिए वह अहिल्या और बच्चों से कुछ अधिक ही प्यार का प्रदर्शन करने लगा – ”   क्या बात है आजकल आप कुछ अधिक ही रोमाण्टिक होते जा रहे हैं ? इस अतिरिक्त मेहरबानी … Read more

उपहार (भाग-3) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

दोनों की सीट अगल-बगल हो गई। दक्षिणा और मुकुल ने जब कार्य शुरू किया तो सबसे अधिक परेशानी उन्हें हुई जो रिश्वत देकर गलत सुविधा पाने के आदी हो चुके थे। रिश्वत के प्रलोभनों के दाने फेक जाने लगे।  शीघ्र ही सबको समझ में आ गया कि यदि उनके द्वारा प्रस्तुत किये गए सभी कागजात … Read more

उपहार (भाग-2) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

समारोह में दक्षिणा से मिलकर अहिल्या बहुत खुश हुई। जब मुकुल ने उसे अहिल्या और बच्चों से मिलाया तो उसने तुरंत ऑफिस के एक लड़के को बुलाया – ” दीपक, आज मैंने अपनी सहेली और बच्चों को बुलाया है। इसलिये मुकुल जी के साथ मिलकर यहाॅ की व्यवस्था सम्हाल लेना। अच्छे से काम करना मुकुल … Read more

उपहार (भाग-1) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

जब से अहिल्या दक्षिणा से मिलकर आई है मुकुल का मन बार-बार कर रहा है कि वह चुपचाप जाकर दूर से दक्षिणा को देख आये । दक्षिणा की प्यारी हॅसी उसके कानों में गूॅज रही थी, नेत्रों की तरलता साकार रूप धरकर  बाॅहें फैलाए उसके गले लगने को आतुर थीं, राज को छुपाने वाले बन्द … Read more

मुफ्त की मार – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सौरभ की शादी पक्की हो गई  पीयूष के बड़े चाचा का फोन आया था घर में बड़ा उत्साह व्याप्त था शादी में जाना था सबको। पीयूष ने मुझसे कहा सुन आलोक तू भी चल हम लोगो के साथ।यहां अकेला क्या करेगा आखिर सौरभ ने तुझे भी तो निमंत्रित किया है मेरा तो भाई है पर … Read more

बाबुल की दहलीज – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  मीता  किशोरावस्था में पांव रखते ही उसे  ये दुनिया रंगीन और हसीन लगने लगी, हर समय उसका मन आकाश की सैर करने लगा ,और जब से अमन से उसकी मुलाकात हुई है, अमन उसकी जिंदगी में आया उसे उसके सिवा ना तो कोई दिखाई देता है ना ही कोई सुनाई देता है। अमन ने … Read more

जनक – रवीद्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

दरवाजे की घंटी बजी. प्रातः काल के दैनिक कार्यों में व्यस्त सौम्या ने अपने बेतरतीबी से बिखरे बालों को रबरबैंड में बंधा और दरवाजा खोल दिया. एक अत्यंत साधारण कुरता पायजामा पहने हुए ग्रामीण सा व्यक्ति दरवाजे पर खड़ा था. सौम्या ने प्रश्नसूचक निगाहों से उसकी तरफ देखा. अजनबी ने कहा “तुम… आप सौम्या हैं.” … Read more

बहती गंगा में हाथ धोना – खुशी : Moral Stories in Hindi

अंजू  बहुत ही सुन्दर और  समझदार महिला थी। उसे अपनी समझदारी पर बड़ा ही गर्व था उसे लगता जो मुझे सही लगता हैं या जो मैं करती हूं वो सही है ।उसके पति भी अच्छी पोस्ट पर थे तो रुपए पैसे की भी कोई कमी न थी । एक बार अंजू की दूर की बुआ … Read more

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