लोग क्या कहेंगे। – कामनी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पूनम और राज की ज़िन्दगी बहुत अच्छे से चल रही थी। गाँव में संयुक्त परिवार था, छोटी मोटी नोंक झोंक भी कम ही देखने को मिलती। दोभाई एक साथ बहुत खुशी से रहते थे। एक बूढ़ी माँ भी थी, बड़े भाई की शादी जल्दी हो गई थी, राज छोटा था पर उनसे उम्र में भी … Read more

तलाक की दहलीज़ पर – अविनाश स आठल्ये : Moral Stories in Hindi

जज साहिबा अनुराधा ने कहा-आप दोनों के विवाह को अभी 7 वर्ष भी नहीं हुये हैं, इसलिए मैं समझती हूँ, कि आप लोगों को थोड़ा और समय दिया जाना चाहिये एक दूसरे को समझने के लिये, आप दोनों ने ही बहुत सी नादानियां की हैं। आप लोगों को अपने तलाक़ के फ़ैसले पर पुनर्विचार करने … Read more

रहिमन अति ना कीजिए – कविता झा ‘अविका’ : Moral Stories in Hindi

रेखा सोफे पर अपने पति राकेश के पास बैठी थी। राकेश उसकी सुंदरता पर कायल था। वो दिनभर उसे निहारता रहता। पर उसे यह बिल्कुल पसंद नहीं था कि उसकी पत्नी की तरफ कोई आंख उठाकर भी देखे। वो सिर्फ उसके लिए बनी है। उसका सजना संवरना हंसना मुस्कुराना सिर्फ और सिर्फ राकेश अपने लिए … Read more

जिस घर में औरतें देर तक सोती है, उस घर की बरकत कभी नहीं होती… – रोनिता : Moral Stories in Hindi

रात के करीब 11:00 रहे थे… कैलाश टीवी देख रहा था… दोनों बच्चे रोहन और अहाना अपने कमरे में सो चुके थे… सुधा जी और मोहन जी भी अपने कमरे में सो चुके थे.. पर कोई एक थी जो अभी तक काम कर रही थी और वह थी प्रिया… वह रसोई को समेट रही थी … Read more

आत्मसम्मान – पूजा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

 शुभी आज मैं बहुत खुश हूं  पता है मेरी जॉब कॉग्निजेंट में लग  गई और वह भी  बढ़े हुए पेकेज में ,मेरा इंटरव्यू इतना अच्छा था की उन्होंने मेरी शर्त भी मान ली है की हम पूना वाले ऑफिस में ही काम करेंगे ।    चलो मंदिर चलते है अपने हनुमान जी को आभार प्रकट करने … Read more

शराबी पति – डॉ. जय प्रकाश प्रजापति : Moral Stories in Hindi

रामकली अपने पति पर चप्पलें बरसा रही थी। भीड़ उसे देख रही थी। सब आश्चर्य चकित थे कि आज उल्टी गंगा कैसे बहने लगी। जिस औरत ने कभी उफ़ भी नही किया वह आज काली बन कर पति पर वार कर रही थी। बिहारी यह समझ नही पा रहा था कि यह सब कैसे हो … Read more

इंतजार – संजय मृदुल : Moral Stories in Hindi

घाट में भारी भीड़ में तुम्हारी मांग में भरा सिंदूर दूर से दमक रहा था। छट पूजा की शाम का इंतज़ार हर साल रहता है। तुम हर साल इन दिनों घर आती हो।  तुम्हारी तस्वीरें देखता रहता हूँ सोशल मीडिया में अक़्सर। वहां मैं तुम्हारा मित्र तो नहीं हूं मैं, वहां क्या अब तो मैं … Read more

आत्मसम्मान… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

एक लंबे चौड़े घर के अलावा कोई भी जायदाद अपने पीछे छोड़कर नहीं गए थे दीनानाथ जी… भरा पूरा परिवार था… तीन बेटे, तीन बहुएं, पांच पोते पोतियां… सबको हंसता खेलता छोड़ खुशी-खुशी…धर्म पत्नी रमा जी के गुजरने के 6 महीने के भीतर ही दीनानाथ जी भी चल बसे…  तीन बेटे बहू के संयुक्त परिवार … Read more

हरे पत्ते – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

  कामिनी बेटी, जोया की दुल्हन की साड़ी ले आईं, रूक्मिणी देवी ने  कमरे के अंदर से ही आवाज लगाई। मांजी ले तो पहले ही आए थे , मैं और रोशनी पर आज तैयारी के लिए दुकान में दी थी, कामिनी ने कमरे की देहरी पर आते हुए कहा। तो अब जा कर ले आओ, रुक्मणी … Read more

हिचकियाँ.. – अंजू अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

 हिच.. हिच….  “अरे वाह! हिचकियां आ रही है, यानी कि फिर मुझे कोई याद कर रहा है!”  पढ़ते-पढ़ते नेहा ने अपनी किताब, कलम, कॉपी सब बंद करके रख दी!  “अब पढ़ाई थोड़ी देर बाद होगी! अभी तो वो इन हिचकियों का आनंद लेगी! यानी कि कुछ पल उसके साथ बिताएगी जो उसे याद कर रहा … Read more

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