कुटील चाल (भाग-15) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

मथुरा पहुंच कर अरविंद ने सबसे पहले अनुराधा को मोबाइल पर सकुशल पहुँचने की सूचना दी, अनुराधा अभी अपने ऑफिस जाने के लिए निकलने ही वाली थी, उसने अरविंद के माता पिता को भी अरविंद के पहुंचने की सूचना दी।  ऑफिस पहुंचने के बाद अरविंद ने कमिश्नर बी के श्रीवास्तव सर को भी फ़ोन करके … Read more

कुटील चाल (भाग-14) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

सुलक्षणा द्वारा “कुमार” के लिए ” अरविंद” कहना, अनुराधा और वीरेश्वर मिश्रा को हैरान कर गया, उन्हें लगा का शायद पुत्र मोह में सुलक्षणा विक्षिप्त सी हो गई है, शायद इसलिए उसे कुमार में भी अरविंद ही दिख रहा था। तभी कुमार भरे गले से सुलक्षणा की और लपका, बोला माँ तुम और पिताजी यहां … Read more

कुटील चाल (भाग-13) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

वीरेश्वर मिश्रा का सामान से भरा ट्रक आधी रात को ही, उनके गाजियाबाद वाले घर में आ गया था, अब लेबर द्वारा उससे सामान निकाल कर घर में जमाने का कार्य हो रहा था। अनुराधा ने आज छुट्टी ले ली थी। भास्कर राव, वीरेश्वर मिश्रा और  सुलक्षणा के मार्गदर्शन मे घर को अच्छे से जमाया … Read more

कुटील चाल (भाग-12) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

गेस्ट हाऊस पंहुच कर, अनुराधा कपड़े बदलकर बिस्तर में लेट गई और आज की एक एक घटना का स्मरण करने लगी। उफ्फ़ कितना सुखद अनुभव था… आज उसका “जन्म दिवस” था, और आज ही कुमार ने उसे “प्रेम प्रस्ताव” भी दिया। तभी उसे कुमार के दिए गिफ्ट मोबाइल की याद आई, उसने पैकेट से निकाल … Read more

कुटील चाल (भाग-11) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

अनुराधा बार-बार घड़ी देख रही थी, ऑफिस टाइम ख़तम होने के इंतजार में, आज उसे पहली बार लग रहा था, कि वक़्त कितना धीरे धीरे चल रहा है, जैसे ही शाम के 6 बजे उसने कुमार सर की तरफ देखा, जो कि अभी भी किसी फाइल में खोए हुए थे, उसने खीझते हुए कहा, सर … Read more

कुटील चाल (भाग-10) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

कुमार सर ने अनुराधा कि तरफ़ मुड़कर देखा, और कहा कि मुझे जैसी लड़की चाहिए थी, वो मिली ही नहीं थी कभी। अनुराधा ने तपाक से पूछ लिया तो कैसी लड़की चाहते थे सर आप? कुमार सर ने अनुराधा कि और देखकर मुस्कुरा दिया, और कहा कि इस सवाल का जवाब भी मै तुम्हें सही … Read more

कुटील चाल (भाग-9) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

अनुराधा अगले दिन साड़ी पहन कर ऑफिस आई थी, ऑफिस पहुंच कर देखा कि अभी तक तो कोई भी नहीं आया है यहां पर, वह खाली वक़्त देखकर कुमार सर की दी हुई एक फाइल का अध्ययन करने लगी। लगभग बीस मिनट बाद कुमार सर की गुड मॉर्निंग अनुराधा की आवाज से उसका ध्यान टूटा, … Read more

कुटील चाल (भाग-8) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

अनुराधा का आज पूरा दिन ऑफिस में सहकर्मियों और शुभ चिंतकों की बधाइयां लेते हुए गुज़रा, कुमार सर किसी अन्य कार्य में व्यस्त होने के कारण उसे ट्रेंनिग देने नहीं आ सके थे, इसलिए शाम को ऑफिस खत्म होते-होते उसने अपने ऑफिस के फ़ोन से ही घर में पिताजी से बात की उसके पिता वीरेश्वर … Read more

कुटील चाल (भाग-7) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

इंस्पेक्टर विनोद कुशवाहा और कुमार सर, अनुराधा के साथ ही कमिश्नर साहेब के निर्देशानुसार उनके गाज़ियाबाद में बने अस्थाई कमिश्नर ऑफिस में ही आ गए थे, दरअसल कमिश्नर साहेब का हेड क्वार्टर तो मेरठ में था, परंतु केंद्र सरकार के द्वारा निर्देशित अति गोपनीय ऑपरेशन के क्रियान्वयन के लिए उन्होंने अस्थाई तौर पर एक कार्यालय … Read more

कुटील चाल (भाग-6) – अविनाश स आठल्ये : Moral stories in hindi

अनुराधा यूँ ही बेड पर लेटे-लेटे कुमार सर के बारे में सोचते हुए कब सो गई उसे पता ही न चला, सुबह जल्दी जल्दी तैयार होकर वह ऑफिस जाने को निकली ही थी, तभी उसे याद आया कि कल उसने अपने पापा को शाम को तो फ़ोन ही नहीं किया था, पिछले दो वर्ष में … Read more

error: Content is protected !!