मैं तो बस मां की इच्छा बता रही हूं। – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

शकुन्तला जी बिलकुल जीर्णावस्था में आ चुकी थीं । सभी ने उनके बचने की उम्मीद छोड़ दी थी । बस अब किसी भी वक्त भगवान के घर से उनका बुलावा आ सकता था । उनके दोनों बेटे, बहुएं और पोता पोती सब आखिरी वक्त उनकी सेवा में लगे थे। उनकी बेटी अंकिता भी अपनी माँ … Read more

सपनों की उड़ान – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

मीना को बचपन से गाने का बहुत शौक था आवाज भी अच्छी थी कभी कभार शादी ब्याह में या छोटी मोटी पार्टी में गाना गा लेती थी।मीना की सुरीली आवाज़ और गाने के शौंक़ को देखकर,रिश्तेदार मीना के माता पिता को यही सलाह देते थे,कि वो बेटी को संगीत की शिक्षा दिलाए ओर इसी क्षेत्र … Read more

अनचाही – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नताशा की माँ संध्या जी कुछ सहेलियों के साथ आ रही थी। नताशा को सरकार की तरफ से उसके विशेष कार्योँ के लिए सम्मानित किया जाना था। जब नताशा की माँ को पता चला तब उन्होंने अपनी किटी समूह की सहेलियों पर अपनी धाक ज़माने के उद्देश्य से उनका भी अपने साथ आने का कार्यक्रम … Read more

भगवान की लाठी में आवाज नहीं होती – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

गीता मायके आई थी। उसका चेहरा मुरझाया हुआ था, आँखों में उदासी और चिंता की गहरी लकीरें खिंची हुई थीं। गीता की माँ, जो अपनी बेटी के स्वागत में पूरे मनोयोग से लगी हुई थी, उसकी ऐसी हालत देखकर घबरा गई। “आओ बेटा, बैठो। कैसी हो? घर में सब कैसे हैं?” माँ ने गीता को … Read more

किस्मत वाली – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अनु का पालन-पोषण एक ऐसे पारिवारिक परिवेश में हुआ था, जहाँ बेटों को सिर चढ़ाया जाता और बेटियों पर सख्त नियम थोपे जाते थे। बेटे देर रात तक आवारगी करते, लेकिन बेटियों के कॉलेज जाने पर भी प्रतिबंध था। मां, चाची और भाभी, सभी को रिश्तों के अनुसार पुरुष वर्ग के सामने घूंघट में रहने … Read more

अहो भाग्य – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

दूसरी बार सुलेखा ने आज बेटी को जन्म दिया । शायद विधाता की यही मर्जी थी । ये आखिरी मौका था और कहीं एक उम्मीद भी थी कि शायद अब बेटी के बाद बेटा ही होगा । पर डॉक्टर ने जुड़वा बिटिया को  दिखाकर भरम तोड़ दिया । सुलेखा के पति माधव तो दुःखी हो … Read more

किस्मतवाली – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

जब अस्पताल में बेटी होने की खबर राघव के कानों में पड़ी, वह पसीने से नहा गया। एक रूढ़िवादी परिवार का इकलौता चिराग राघव अब एक बेटी का पिता बन चुका था उसने कनखियों से अपनी मां की तरफ देखा। उसकी मां का चेहरा बुझ गया था। राघव यह सब देखकर बहुत  तनाव में आ … Read more

माई लकी-चार्म – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    ” आ रहा हूँ…।” लगातार काॅलबेल बजते देख  आकाश दरवाज़े की ओर जाते हुए ज़ोर-से बोला।उसने लैपटाॅप का बैग अपने कंधे पर डाला और दरवाज़ा खोला तो सामने मनोहर काका के साथ लाल साड़ी पहने, माँग में सिंदूर- माथे पर बड़ी बिंदी लगाये बाईस वर्षीय युवती को देखकर वो चकित रह गया।    ” तुम…काका, आप … Read more

*प्रायश्चित* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       देखो,अजीत मुझे अब अपने बेटे की पढ़ाई के लिये अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ेगा,सो अब मेरी जमीन को बैंक से मुक्त करा दो।        वो तो ठीक है,पर सुशील मेरे पास अभी रुपयों की व्यवस्था नही है, इसलिये बैंक से अभी जमीन मुक्त नही हो पायेगी।        पर अब तो तुम्हारा काम काज बढ़िया चल … Read more

किस्मतवाली बहु – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

ससुराल में बहु से बेटी बनने का सफर जिन्दगी के उन खुशनुमा और यादगार पलों की एक किताब है जिसके पन्ने जब भी शुचि पलटती चेहरे पर अनायास ही मुस्कुराहट आ जाती । एक लड़की को शादी के बाद ससुराल में दो महत्त्वपूर्ण लोग (पतिदेव और सासू मां)यदि अच्छे मिल जाए यानी कि उसके मन … Read more

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