पतिधर्म – देवश्री गोयल : Moral Stories in Hindi

कई वर्षों बाद सौरभ नाम से किसी का फ्रेंड रिक्वेस्ट  देख कर  अचंभित हो गयी थी सुरभि…!अनायास ही प्रोफाइल चेक करने लगी देखूं तो कौन है??।प्रोफ़ाइल फोटो देख कर सुरभि का शक यकीन में बदल गया।ये तो सौरभ ही थे। जल्दी 2 उसने सौरभ का पूरा प्रोफ़ाइल  देख डाला ।पत्नी, बच्चे,व्यवसाय मित्र कामयाबी की दास्तां … Read more

व्यापार – हरी दत्त शर्मा : Moral Stories in Hindi

        शुभी आफिस से लौट कर घर में ही घुस पाई थी कि फोन बज उठा। टिफिन और स्कूटी की चाबी टेबल पर रखी और पर्स में से फोन निकाला।    दीपक का था।  शुभी ने गुस्से में फोन काट दिया और विचारों में खो गयी। ‘ आज इतने साल बाद?…. क्या जरूरत थी जो फोन करना … Read more

प्रमाण पत्र – हरी दत्त शर्मा : Moral Stories in Hindi

    कक्षा में प्रवेश करने के बाद मेरी नजर अनायास ही उस लड़की पर ठहर गई जो बेंच के एक कोने में सिकुडी हुई सी बैठी थी।   सभी छात्राओं से अलग थलग, दुबली पतली, साँवली, भोली भाली और मासूम सी।     सामान्य सी बात थी, कोई न कोई छात्र अलग थलग सा होता ही है। मैने अपना … Read more

एक कमरा बहू का…. !! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

…रमोला की कार आ चुकी थी और किरण अपनी ऊहापोह में अभी तक तैयार नहीं हो पा रही थी। .. भाभी भाभी ये देखो ये सूट आपके लिए लेकर आई हूं आप पर ये कलर खूब फबेगा मीतू ने कई सारे सूट के पैकेट किरण की ओर बढ़ाते हुए कहा तो किरण आश्चर्य से उसे … Read more

बीमार होने का बहाना… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“तुम्हारा तो रोज का हो गया है… कभी कमर दर्द… कभी पेट… कभी हाथ… आज कुछ नहीं मिला तो घुटना लेकर बैठ गई… अब मुझे तो और कोई काम बचा नहीं लगता है…  अच्छा बताओ… कितना दवा ही खाओगी…  मां… तुम ही से बोल रहा हूं… कुछ तो बोलो…!”  मां गिरिजा देवी कुछ नहीं बोलीं… … Read more

भाग्यहीन – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

    मां बनकर #भाग्यहीन #होना कितने दुःख और आश्चर्य की बात है..            आंखों से गिरते आंसुओं के सैलाब को रोकने की असफल कोशिश करती मीनू फ्लैशबैक में चली गई… कितने व्रत उपवास और मन्नतों के बाद निहाल का जनम हुआ.. पांच साल तक मन्नत उतारते रहें… पत्थर पर दूब जमा हो जैसे.. सब कुछ बहुत अच्छा … Read more

माया की बुद्धिमत्ता – कमलेश वाजपेयी : Moral Stories in Hindi

माया देवी एक सत्तर वर्षीय महिला थीं, जो एक अर्धशहरी  जनपद में, अपने बड़े से घर में अकेली रहती थीं. उनके पति का निधन कुछ वर्षों पहले हो चुका था.   उनके दो बेटे – नीरज और अमित – अपने अपने परिवारों के साथ रह कर, महानगरों में, अच्छी नौकरी करते थे. बेटों ने माँ से … Read more

“!!!! वंश !!!!” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” अरे राहुल कहाँ जा रहा है भाभीजी को लेकर इस समय !” देवेन ने अपने दोस्त को रोकते हुए पूछा । ” अरे यार एक डॉक्टर का पता लगा है जो गर्भ मे बच्चे की जांच करती है और अगर कुछ इधर उधर हो तो गर्भपात भी कर देती है तो बस तेरी भाभी … Read more

तृषा का फैसला : Moral Stories in Hindi

तृषा थकी हुई, चिंतित और खिन्न मन से अपनी माँ के पास आई थी। उसकी आँखों में गहरी उदासी थी और चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था। उसने दरवाजा खोला और सीधे माँ के सामने जाकर बैठ गई। उसकी माँ, मीरा जी, अपनी बेटी के इस बदले हुए भाव को देखकर चिंतित हो उठीं। … Read more

अच्छी किस्मत अच्छे कर्मों से बनती है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“अरे दीदी आपका चेहरा कैसा उतरा हुआ है किसी ने आपसे कुछ कह दिया क्या? विमला जो आज अपनी ननद मनोरमा से मिलने आई थी ने अपनी ननद का दुखी चेहरा देखकर कहा तो वह दुखी स्वर में बोली”दीदी आप बहुत अच्छी किस्मत वाली हो कुछ दिन पहले दिन पहले जब मैं आपके घर गई … Read more

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