असली राजकुमार
रामनारायण जी ने अपने दोनों बेटों, सूरज और मयंक का विवाह कराकर घर में दो सर्वगुण संपन्न बहुओं का प्रवेश कराया था। रितु और कविता, दोनों ही बहुएँ स्वभाव से बहुत ही संस्कारी और घर को बांध कर रखने वाली थीं। देखते ही देखते दो-तीन सालों के भीतर घर का आँगन पोते-पोतियों की किलकारियों से … Read more